हरियालो राजस्थान अभियान को मिली नई उड़ान, संभागीय आयुक्त ने एमएसजे कॉलेज में किया पौधारोपण
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत बुधवार को महारानी श्री जया (एमएसजे) महाविद्यालय परिसर में संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने हजा़रे का पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिकाधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने पौधारोपण के बाद परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर सफल और स्थायी हरित विकास का आदर्श मॉडल बन सके।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्रवण बिश्नोई, सचिव प्रताप सिंह सहित नगर निगम, वन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर हरित राजस्थान के निर्माण का संकल्प लिया।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार एमएसजे कॉलेज परिसर को मियावाकी पद्धति से विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत लगभग 15 हजार देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे परिसर को एक सघन ग्रीन जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में रोहिड़ा, कुमठ, शीशम, चामरोड, अडूसा, दंती, अमलताश, अर्जुन, बहेड़ा और जामुन सहित विभिन्न देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों के विकसित होने से न केवल परिसर हराभरा होगा, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता और स्वच्छ वायु को भी नई मजबूती मिलेगी।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि मियावाकी पद्धति जापान की एक आधुनिक वनीकरण तकनीक है, जिसमें सीमित भूमि पर देशी प्रजातियों के पौधों को अत्यधिक सघनता से लगाया जाता है। इस तकनीक से तैयार वन सामान्य वनों की तुलना में लगभग 10 गुना तेजी से विकसित होते हैं तथा 30 गुना अधिक सघन बनते हैं। महज 2 से 3 वर्षों में यह क्षेत्र घने हरित वन का स्वरूप धारण कर लेता है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता का संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा मिलता है। अभियान के दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।


