नन्हीं मुस्कान को मिला नया परिवार, चार माह की बालिका का हुआ विधिक दत्तक ग्रहण
जिला कलक्टर ने जारी किए दत्तक ग्रहण आदेश, नन्हीं बच्ची के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) परित्यक्त अवस्था में मिली चार माह की एक नन्हीं बालिका को अब नया परिवार मिल गया है। जिला कलक्टर कमर चौधरी द्वारा दत्तक ग्रहण आदेश जारी किए जाने के साथ ही बालिका के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत हुई। विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने पर दत्तक ग्रहण करने वाले दम्पति को बालिका के विधिक माता-पिता का दर्जा प्रदान किया गया।
सहायक निदेशक अमित कुमार अवस्थी ने बताया कि 28 फरवरी 2026 को न्यू पुष्पवाटिका कॉलोनी, भरतपुर में नवजात बालिका परित्यक्त अवस्था में मिली थी। बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार बालिका को राजकीय शिशु गृह, भरतपुर के संरक्षण में रखा गया तथा केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उसे केयरिंग्स पोर्टल पर पंजीकृत किया गया।
उन्होंने बताया कि बाल कल्याण समिति द्वारा सभी आवश्यक विधिक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के उपरांत बालिका को दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त घोषित किया गया। वर्ष 2022 से केयरिंग्स पोर्टल पर पंजीकृत प्रतीक्षारत दम्पति को बालिका का ऑनलाइन रेफरल प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए आरक्षित किया। इसके बाद दम्पति ने राजकीय शिशु गृह पहुंचकर बालिका से मुलाकात की। आवश्यक परीक्षण एवं औपचारिकताएं पूरी होने पर दत्तक ग्रहण समिति ने बालिका को उक्त दम्पति को दत्तक दिए जाने की अनुशंसा की।
उन्होंने बताया कि 2 जून 2026 को शिशु गृह अधीक्षक द्वारा बालिका को प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर के तहत दत्तक ग्रहण करने वाले दम्पति को सुपुर्द किया गया तथा दत्तक ग्रहण आदेश प्राप्त करने के लिए जिला कलक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने आवेदन का परीक्षण कर बुधवार को दत्तक ग्रहण की डिक्री जारी की। आदेश के साथ ही दत्तक ग्रहण करने वाले दम्पति को बालिका के विधिक माता-पिता के रूप में मान्यता प्रदान की गई।
जिला कलक्टर ने कहा कि दत्तक ग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बच्चे के जीवन को नई दिशा देने का मानवीय प्रयास है। इससे ऐसे बच्चों को परिवार का स्नेह, सुरक्षा और बेहतर भविष्य मिलता है, जिन्हें किसी कारणवश अपने जैविक परिवार का संरक्षण नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि उसे प्रेमपूर्ण और सुरक्षित पारिवारिक वातावरण मिले तथा समाज को भी दत्तक ग्रहण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।


