एक जागरूकता पोस्टर बिना पहचान बताएं, पालने में छोड़ जाए- फेंकें नहीं, हमें दें
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 17 अक्टूबर।
भरतपुर जिले के सेवर थाने इलाके के झीलरा गांव के मोड पर कंटीली झाडियों में मिले नवजात शिशु की अखबारी खबर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा प्रसंज्ञान लिया गया और इस संबंध में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अमित अवस्थी के साथ अविलम्ब बैठक आयोजित की गई तथा नवजात शिशु की देखरेख एवं उचित उपचार के लिये दिशा-निर्देश दिए गए।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुतोष गुप्ता ने बताया कि बैठक में महिला अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भरतपुर को पत्र प्रेषित कर निर्देश दिये गये कि अविलम्ब भरतपुर जिले में संचालित पालना गृह राजकीय नारी निकेतन, सेवर-मथुरा बाईपास रोड एवं राजकीय जनाना अस्पताल परिसर मोरी चारबाग में आवश्यक भौतिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने पालना गृहों का प्रचार-प्रसार करवाया जाये जिससे आमजन को जानकारी हो सके कि पालना गृह राज्य सरकार द्वारा संचालित वह स्थान है, जहां पर कोई भी अपने नवजात शिशु को गोपनीय तरीके से छोड़ सकता है और उस शिशु की देखरेख एवं संरक्षण की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाती है।
उन्होंने भरतपुर जिले के सभी तालुकाओं एवं अन्य स्थानों में राजकीय अस्पताल/पंचायत समिति एवं अन्य यथायोग्य स्थानों पर अविलम्ब पालना गृह को स्थापना करते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। इसके अलावा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश केशव कौशिक द्वारा पोक्सो न्यायालय के न्यायाधीश गिरिजेश कुमार ओझा, चाईल्ड हेल्पलाइन कोर्डिनेटर प्रेमराज परनामी, प्रोटेक्शन ऑफिसर योगेश पाठक एवं केन्द्रीय दत्तक ग्रहण एजेन्सी के सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष सिंघल की उपस्थिति में एक जागरूकता पोस्टर बिना पहचान बताएं, पालने में छोड़ जाए- फेंकें नहीं, हमें देकर विमोचन किया गया।


