सरकारी दावों की खुली पोल: तीन साल से बंद पड़ा ₹25 लाख का स्वास्थ्य केंद्र, एक ही पंचायत भवन में चल रहे तीन विभाग
नई उपस्वास्थ्य केंद्र भवन तीन साल से अधूरा और बंद, पंचायत भवन में एक साथ संचालित हो रहे स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा व आंगनबाड़ी केंद्र
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) टीठोड़ी ग्राम पंचायत में ग्रामीण विकास और सरकारी व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर सामने आई है। यहां पंचायत भवन के एक ही परिसर में बने तीन कमरों से तीन अलग-अलग विभाग संचालित हो रहे हैं। एक कमरे में उपस्वास्थ्य केंद्र, दूसरे में पशु चिकित्सा उपकेंद्र और तीसरे में आंगनबाड़ी केंद्र टीठोड़ी-2 चल रहा है। तीनों केंद्रों का प्रवेश द्वार भी एक ही होने से आमजन को रोजाना भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब 24.88 लाख रुपये की लागत से निर्मित उपस्वास्थ्य केंद्र का नया भवन सितंबर 2023 तक तैयार हो जाना था, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी भवन उपयोग में नहीं आ सका। सितंबर 2023 में ही जनता को समर्पित होने वाला यह भवन आज भूतों के बसेरे जैसा नजर आ रहा है क्योकि अधिकांश निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद विभागीय उदासीनता और जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण उपस्वास्थ्य केंद्र आज भी पुराने पंचायत भवन में संचालित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिसर में स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सा केंद्र और आंगनबाड़ी संचालित होने से मरीजों, पशुपालकों, महिलाओं और बच्चों की आवाजाही एक साथ रहती है, जिससे अव्यवस्था बनी रहती है। अलग-अलग विभागों के समय और आवश्यकताएं अलग होने के बावजूद सभी को एक ही प्रवेश द्वार का उपयोग करना पड़ता है।
- संक्रमण का खतरा: जहां दवा लेने आते हैं मरीज, वहीं बंधते हैं मवेशी
तस्वीर में साफ दिख रहा है कि इस तथाकथित संयुक्त चिकित्सा केंद्र के ठीक बाहर तंग रास्ते पर मवेशी (भैंस और गाय) घूम रहे हैं। इसी गेट से ग्रामीणों, महिलाओं और छोटे बच्चों को गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिसर में पशु चिकित्सा केंद्र होने से यहां हर वक्त गोबर, गंदगी और मवेशियों का जमावड़ा रहता है। ऐसे में मौसमी बीमारियों के सीजन में इलाज कराने आने वाले मरीजों को यहां और ज्यादा गंभीर संक्रमण होने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या की ओर न तो जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता दिखाई और न ही संबंधित विभागों के अधिकारियों ने कोई प्रभावी कदम उठाया। सरकारी रिकॉर्ड में विकास के दावे किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर करोड़ों नहीं तो लाखों की लागत से बनी सरकारी संपत्ति बेकार पड़ी है और आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि उपस्वास्थ्य केंद्र को तत्काल नई भवन में स्थानांतरित किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर ढंग से संचालित हो सकें और पंचायत भवन में तीन विभागों के एक साथ संचालन से उत्पन्न अव्यवस्था समाप्त हो।
- बीसीएमओ डॉ. भागीरथ मीणा ने बताया कि "सीएमएचओ कार्यालय द्वारा उपस्वास्थ्य केंद्र भवन की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसे भेज दिया गया है।"
- टीठोड़ी उपस्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. नीरज जैन ने कहा, "भवन को चालू कराने के लिए हमने तथा ग्रामीणों ने विधायक, सरपंच और चिकित्सा अधिकारियों को कई बार लिखित में अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।"


