बंद हल्दी पैकेट में सूखी छिपकली मिलने का दावा, खाद्य सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल; बयाना के उपभोक्ता ने लगाया आरोप

Jul 12, 2026 - 19:28
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बंद हल्दी पैकेट में सूखी छिपकली मिलने का दावा, खाद्य सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल; बयाना के उपभोक्ता ने लगाया आरोप

वैर/भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) बयाना कस्बे के बक्सरिया गली निवासी एक उपभोक्ता द्वारा नामचीन ब्रांड के बंद हल्दी पैकेट में सूखी छिपकली मिलने का सनसनीखेज दावा किया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद बाजार में बिकने वाले पैक बंद खाद्य पदार्थों की शुद्धता, गुणवत्ता नियंत्रण और पैकिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

  • दुकान से खरीदा था पैकेट, खोलते ही उड़े होश

जानकारी के अनुसार, बक्सरिया गली निवासी सुकंत कुमार सोनी ने बयाना के छोटा बाजार स्थित राजेंद्र लोहिया की परचून की दुकान से 'यश प्रताप मसाले' ब्रांड की 100 ग्राम हल्दी का पैकेट खरीदा था। उपभोक्ता का दावा है कि जब घर पर महिलाओं ने सब्जी बनाने के लिए पैकेट को खोला, तो उसके भीतर हल्दी के साथ एक सूखी हुई छिपकली निकली। छिपकली देखते ही परिवार के होश उड़ गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने निष्पक्षता साबित करने के लिए इस पूरे घटनाक्रम और पैकेट को खोलते समय का वीडियो भी बनाया है।

  • धौलपुर की कंपनी और अप्रैल 2026 की पैकिंग

मामले के अनुसार, संबंधित पैकेट पर निर्माता का नाम यश प्रताप आर.डी. प्रोडक्ट्स (पता: बारहमासी पीपल के पास, बाड़ी, जिला धौलपुर, राजस्थान) अंकित है। पैकेट पर पैकिंग तिथि अप्रैल 2026, वजन 100 ग्राम तथा अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 40 रुपये दर्ज है। बयाना क्षेत्र में इस ब्रांड के होलसेल डीलर गणेश मार्केट निवासी विजय सिंघल बताए जा रहे हैं।

  • कंपनी का पक्ष: छानने के बाद ही होती है पैकिंग

इस पूरे विवाद पर जब ब्रांड संचालक दिनेश प्रजापति से संपर्क किया गया, तो उन्होंने उपभोक्ता के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी सफाई दी। संचालक का कहना है कि फैक्टरी में मसालों को पीसने के बाद उन्हें आधुनिक प्लांट में अच्छी तरह छाना जाता है और पूरी तरह छानने के बाद ही स्वचालित मशीनों से पैक किया जाता है। पैकिंग प्रक्रिया में गुणवत्ता और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।

  • उपभोक्ताओं में आक्रोश, जांच की मांग

दूसरी ओर, पीड़ित उपभोक्ता और स्थानीय नागरिकों ने कंपनी के दावों पर सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता सुकंत सोनी का कहना है कि यदि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है, तो बंद पैकेट के अंदर छिपकली कैसे पहुंची? यदि कोई परिवार बिना देखे इस हल्दी का सेवन कर लेता, तो फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) से किसी की जान भी जा सकती थी। स्थानीय उपभोक्ताओं ने खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) से मामले की सुध लेने, पैकेट के सैंपल की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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