नशा मुक्त समाज की दिशा में पुलिस की प्रभावी कार्रवाई की मांग
भरतपुर (विष्णु मित्तल) 27, अक्टूबर जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध भरतपुर पुलिस द्वारा की गई प्रभावी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। इस अभियान में विभिन्न थानों द्वारा गांजा एवं अन्य नशीले पदार्थों की जब्ती की गई है। यह कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखने की आवश्यकता है ताकि जिले में नशे का अवैध कारोवार करने वालों पर सख्ती से अंकुश लग सके ।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निदेशक सीताराम गुप्ता ने भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक महोदय एवं जिले की पुलिस टीम को हार्दिक बधाई देते हुए कहा है कि पुलिस की तत्परता और सख्त रुख से समाज में सकारात्मक संदेश गया है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गुप्ता ने कहा कि नशे का फैलाव अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे ग्रामीण अंचलों में भी अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है। युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत की ओर आकर्षित करने वाली यह प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इस दिशा में पुलिस की मुहिम को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि भरतपुर शहर के कई गली मोहल्लों में यह कारोवार वर्षों से संचालित है और जब पुलिस की दबिश पड़ती है तो कारोवारी अपना काम बंद कर देते हैं और कुछ दिनों बाद फिर नशे का कारोबार संचालित करने लग जाते हैं ! जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस एवं क्षेत्र के लोगों को भी है किन्तु कभी भी इन्हें जड़ मूल से समाप्त करने की ठोस कार्यवाही नही की गई ! शहर में कई इसे मोहल्ले भी हैं जहाँ नशे की कारोवारी वर्षों से जारी है किन्तु न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने कोई विरोध नही किया ।
नशे की प्रवर्ती के दुष्परिणाम कितने भयाभय हो सकते हैं इसका उदाहरण पंजाब के पूर्व डीजीपी का है जिसने पूरे कार्यकाल के दौरान आतंकियों से लोहा लिया लेकिन अपने ही बेटे की नशे की लत के आगे हार गया ! बेटे ने नशे की लत के चलते अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली ! यदि समाज में भी अवैध नशे का कारोबार जारी रहता है तो इसके गंभीर परिणाम सामने आयेंगे ।


