भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जल संसाधन मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री सुरेशसिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल विकास एवं जनकल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकसित राजस्थान के संकल्प के पथ पर बढते हुये प्रत्येक आयु वर्ग के नागरिकों को योजनाओं का सीधा लाभ मिला है।
जिला प्रभारी मंत्री राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में मीडिया से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल विकास केन्द्रित रहा है, हर क्षेत्र में योजनाओं का सफलता पूर्वक क्रियान्वयन करने से प्रत्येक आयु वर्ग के नागरिकों में उत्साह है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था सुदृढ होने से विकास को गति मिली है। युवाओं के लिये पारदर्शिता से सरकारी पदों की भर्तियों को समयबद्ध पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले पॉच वर्षों की तुलना में वर्तमान सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल विकास को गति देने वाला साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी में एमओयू कर धरातल पर कार्य शुरू किया है तथा यमुना का पानी शेखावाटी के जिलों में पहुॅचाने के लिये वर्षों की लम्बित प्रक्रिया को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि इन्दिरा गांधी कैनाल को सुदृढ कर गंगानगर से लेकर जैसलमेर, बाडमेर तक किसानों को पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान की दिशा में राईजिंग राजस्थान के तहत हुये एमओयू धरातल पर साकार हो रहे हैं। जिससे युवाओं रोजगार के साथ प्रदेश औद्योगिक विकास में अग्रणी बनेगा। उन्होंने बताया कि दुर्लभ खनिजों की खोज के साथ उत्खनन की दिशा में भी कदम बढे हैं जिससे देश ही नहीं विश्व में राजस्थान की पहचान बनेगी। उन्होंने किसानों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों के लिये चलायी जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुये कहा कि आज प्रत्येक नागरिक के लिये कल्याणकारी योजनाऐं चलायी जा रही हैं इससे आमजन में उत्साह व उमंग है।
भरतपुर में हुये करोडों के कार्य
जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला होने के कारण भरतपुर में पिछले दो वर्ष में अभूतपूर्व विकास कार्य शुरू किये गये हैं। भरतपुर के विकास को गति देने के लिए नगर विकास न्यास को भरतपुर विकास प्राधिकरण में क्रमोन्नत किया गया। उन्होंने बताया कि बीडीए द्वारा दो वर्षों में 1006.52 लाख से अधिक के विकास कार्य पूरे कराये गये है व 183 करोड़ रू. के विकास कार्य प्रगतिरत तथा 130 करोड़ से अधिक के विकास कार्य प्रस्तावित किये गये है। भरतपुर का मास्टर डेªनेज प्लान तैयार किया गया है जिसके तहत नाले एवं नालियों का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता में सुधार कर राज्य में तीसरी रैंक प्राप्त की है, 6 करोड रूपये की लागत से लिगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग एवं 14 करोड रूपये लागत से सोलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लान्ट स्थापित किये जा रहे है। शहरी सेवा शिविरों में वर्षों से वंचित नागरिकों को आवासीय पट्टे मिले हैं तथा स्मार्ट सेवा केन्द्र शुरू कर सेवाओं को सरलीकरण कर 13086 प्रमाण पत्र जारी किये जा चुके है।
उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में स्वयं सहायता समूहों को कुल 131.65 करोड रुपए का बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया। जिले में 200 विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में आवासीय पट्टे उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने बताया कि सामाजिक कल्याण की दिषा में बालिकाओं को 13.58 हजार साईकिलों एवं 650 स्कूटी का वितरण किया गया। सामाजिक सुरक्षा योजना अन्तर्गत 17 हजार वृद्धजनों को 45.03 करोड रू, 3097 एकलनारी को 8.19 करोड रू, 1840 विशेष योग्यजन को 4.86 करोड रू. प्रदान कर लाभान्वित किया गया है।
उन्होंने बताया कि कृषकों के खेतों पर 85 सोलर पम्प सयंत्रों की स्थापना, 90.77 हैक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर संयंत्रो तथा 307 हैक्टेयर क्षेत्र में फव्वारा संयंत्रों की स्थापना की गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 7522 फसल बीमा पालिसी धारक किसानों को राशि 4.01 करोड रू. के बीमा क्लेम का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि योजना को बढ़ाकर 8 हजार रुपये किया है। जिले में 2.45 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 24.58 करोड रुपये सीधे जमा किए गए। डेयरी एवं पशुपालन गतिविधियों के लिये जिले में 7952 पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर राषि 99.53 करोड़ से लाभान्वित किया गया।
उन्होंने बताया कि जिले में 132 केवी के 03 ग्रिड सब-स्टेशन एवं 33/11 केवी के 8 सब-स्टेशन स्थापित किये गये। 15527 परिवारों को घरेलू विद्युत कनेक्शन तथा 3355 किसानों को कृषि कनेक्शन जारी किये गये। किसानों को बिजली के बिलों में 856.07 करोड रूपए का अनुदान दिया गया। राज्य सरकार द्वारा रसोई गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजनान्तर्गत 6.93 करोड रूपए की सब्सिडी उपलब्ध करवाई गई। जिला प्रभारी मंत्री ने बताया कि निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना में 21.02 हजार लाभान्वितों को 21.58 करोड रूपए सहायता राशि दी गई। जिले में 51.83 हजार असंगठित श्रमिको का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन किया गया।
उन्होंने बताया कि जिले में 06 नये प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र शुरू किये गये तथा 182 संस्थानों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में संचालन प्रारम्भ किया गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अन्तर्गत 1.23 लाख लाभार्थियों को 93.43 लाख रुपये की कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि पेयजल योजनाओं पर 157.42 लाख रूपये व्यय किए गए। जिले में नहर/बाधों की मरम्मत/जीर्णाेद्वार पर 13 कार्यों के लिये राशि 15850.73 लाख रू. की स्वीकृतियां जारी की गयी है जिनके कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने बताया कि जिले में सड़कों के विकास पर 234.47 करोड रूपये का व्यय कर 302.85 कि.मी. सड़क विकास कार्य किए गए। जिनमें से 142.65 कि.मी. नवीन सड़कों का निर्माण किया गया। इस अवसर पर विधायक डीग-कुम्हेर डॉ. शैलेश सिंह, पूर्व सांसद रंजीता कोली, पूर्व विधायक बयाना बच्चू सिंह बंशीवाल, जिला कलक्टर कमर चौधरी, पुलिस अधीक्षक दिगंत आनन्द सहित जिले के मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।