अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ भव्य उद्घाटन, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा में मिली नई ऊर्जा और दृष्टि- जिला प्रभारी मंत्री
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं महारानी श्री जया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में द्विदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य उद्घाटन भरतपुर विकास प्राधिकरण के आडिटोरियम सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का प्रारम्भ मुख्य अतिथि जिला प्रभारी मंत्री सुरेश सिंह रावत व अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. नारायण लाल गुप्ता, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ. त्रिभुवन शर्मा, कुलगुरु, महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय महेंद्र कपूर, प्राचार्य प्रो. सुनीता पाण्डे, संयोजक प्रो. योगेन्द्र कुमार भानु, एवं आयोजन सचिव प्रो. मुकेश कुमार के आतिथ्य में मां सरस्वती के समक्ष प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण और सरस्वती वन्दना के द्वारा किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का पुष्प-गुच्छ एवं शॉल प्रदान कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम मेें संबोधित करते हुये जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि अमृत काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प साकार रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच भारत ही मार्गदर्शक बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि भारत को प्राचीन समय से ही ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था तथा देश में सभी प्रकार की भौगोलिक विविधताएं पाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि भरतपुर का सिंचाई तंत्र विश्वभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। पश्चिमी राजस्थान को हरा-भरा बनाने में महाराजा गंगा सिंह के योगदान को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा राज्य सरकार के नेतृत्व में इंदिरा गांधी नहर के क्षतिग्रस्त केनाल का जीणोद्धार कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों का आधुनिक स्वरूप आज डेनमार्क जैसे देशों में देखा जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा ईआरसीपी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे 17 जिलों को पेयजल, औद्योगिक व कृषि सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा। भरतपुर भी इस परियोजना से लाभान्वित होगा। साथ ही मध्यप्रदेश और हरियाणा के साथ विकास कार्यों हेतु डीपीआर तैयार की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा में नई ऊर्जा और दृष्टि मिली है। रावत ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ के अंतर्गत 35 लाख करोड़ से अधिक निवेश के एमओयू हुए हैं, जिनमें से 8 लाख करोड़ से अधिक परियोजनाएं धरातल पर क्रियान्वित हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2047 से पहले विकसित भारत के निर्माण हेतु सामूहिक मंथन और संकल्प आवश्यक है।
कार्यक्रम में आयोजन सचिव प्रो. मुकेश कुमार, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ. त्रिभुवन शर्मा, कुलगुरु, महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय ने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, पूर्व सासंद रंजीता कोली, पूर्व विधायक बच्चू बंसीवाल, जिला कलक्टर कमर चौधरी, जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनन्द, जिला अध्यक्ष शिवानी दायमा, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के पदाधिकारीगण, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, संस्थापक, संकाय सदस्यगण एवं भारी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।