एक कमरे में चार चार कक्षाओं के बच्चे बैठने को मजबूर हैं महात्मा गांधी सीनियर सैकेंडरी विद्यालय के बच्चे
रामगढ़ (राधेश्याम गेरा) रामगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के कस्बा अलावडा के कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय को चार वर्ष पूर्व तत्कालीन सरकार के समय महात्मा गांधी सीनियर सैकेंडरी विद्यालय में क्रमोन्नत कर दिया गया था। लेकिन विद्यालय में बच्चों के लिए कमरों और अन्य सुविधाओं पर आज तक भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जंहा वर्तमान में स्कूल संचालित है वंहा विद्यालय में केवर सात कमरे हैं जिनमें से भी तीन कमरों को विभागीय कनिष्ठ अभियंता द्वारा अनुपयोगी घोषित कर रखा है। इधर चार वर्षों में कक्षा आठ से ग्यारह तक की कक्षाएं संचालित होने लग गई हैं। इस कारण अधिकतर कक्षाओं को खुले में बैठाना पड़ रहा है या एक ही कमरे में तीन से चार कक्षाओं के बच्चों को बैठाया जा रहा है।
विद्यालय में जगह की कमी और कमरों के अभाव को देखते हुए पूर्व सरकार के समय ही पीएम श्री सीनियर सैकेंडरी विद्यालय के खेल मैदान के दूसरी तरफ लगभग ढाई बीघा भूमि आवंटित करा दिया गया। लेकिन आज तकभी बजट आवंटित नहीं होने से कमरों के अभाव के चलते बच्चों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पा रही।
वंही दूसरी तरफ बच्चों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। तीन चार वर्ष पूर्व बाजार की तरफ से नल कनेक्शन कराया गया लेकिन इस लाइन में नियमित सप्लाई नहीं आने से और स्कूल समय पर सप्लाई नहीं मिलने से कनेक्शन की पाइप लाइन ही टूट गई। जिसके कारण गर्मियों में बच्चे अपने घरों से बोतलों में पानी लाने को मजबूर हैं।
इस समस्या को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन द्वारा एसडीएमसी और ग्रामीणों की आज गुरूवार 18 दिसम्बर को मीटिंग बुला समस्या समाधान पर विचार किया गया जिसमें सभी ने एकमत होते हुए कहा कि जब तक नया भवन बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पीएम श्री सीनियर सैकेंडरी विद्यालय के एक हिस्से मे जंहा कभी प्राथमिक विद्यालय चलता था उसको उपयोग में लिया जावे। इसके लिए शाला प्रबंधन और एसडीएमसी व ग्रामीणों की तरफ से प्रस्ताव तैयार कर किया जिसे पीएम श्री सीनियर सैकेंडरी विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं पीईईओ सतपाल सिंह को दिया जाना है और एक एक प्रतिलिपि ब्लाक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व एसडीएम, विधायक सुखवंत सिंह और जिला कलेक्टर को भेजा जाएगी।
इस बारे में एमजी विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेन्द्र यादव ने बताया कि विद्यालय के तीन कमरे अनुपयोगी घोषित कर दिए गए हैं।एक कमरे में प्रधानाचार्य कार्यालय संचालित है और एक कमरे में पोषाहार की सामग्री रखी है और पोषाहार के उपयोग में लिया जाता है वर्तमान में बारह कक्षाएं संचालित हैं मजबूरी में खुले में बैठाना पड़ता है और एक ही कमरे में तीन से चार कक्षाओं को बैठाना पड़ता है जिससे बच्चों की पढ़ाई में बाधा तो आती है। पेयजल के लिए भी टेंकर से पानी मंगाना पड़ता है लेकिन उसे बच्चे पीते नहीं हैं।
आज की बैठक के दौरान एसडीएमसी अध्यक्ष प्रधानाचार्य सुरेन्द्र यादव, सचिव वरिष्ठ अध्यापक महेंद्र सिंह, दुर्गा प्रसाद वर्मा,नवलेश राजपूत,भरत कुमार,नीतू मीणा, एसडीएमसी सदस्य दोलतराम,रामनाथ,टीकम सैनी, वार्डपंच अशोक कुमार, अभिषेक रावल,कल्लू खटीक, विधायक प्रतिनिधि संजय कालरा,बिसम्बर जैन, कन्हैया अरोड़ा, राधेश्याम गेरा व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।


