रामबास में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, भंडारा आयोजितः श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी, यजमानों ने दी हवन में आहुतियां
अलवर जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र के रामबास में स्थित श्री नामदेव कलाधारी आश्रम (कुटी) में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हुआ। इस अवसर पर पूर्णाहुति हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसके बाद विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कथावाचक नृत्यगोपाल शास्त्री ने बताया- आत्मा को जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्त करने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण और वायुमंडल शुद्ध होता है, जिससे व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
शास्त्री ने आगे कहा- श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। यह कथा जीव में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के भाव उत्पन्न करती है। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं और विचारों में बदलाव आने पर आचरण में भी अपने आप सुधार होता है।

बाबा नारायण दास, भरतदास और रामाधार दास ने बताया- यह कथा समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से कलाधारी मंदिर पर आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि भंडारे में आसपास के क्षेत्र से सैंकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया, जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख सहित सभी वर्गों के लोग शामिल थे।



