जेजेएम में संधारित सड़कों का सत्यापन ग्राम पंचायत स्तर पर होना अनिवार्य, लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्यवाही- रावत
विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने चंबल और जेजेएम में तकनीकी समन्वय पर दिया जोर, रारह में पुलिस चौकी और क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण का रखा प्रस्ताव*
प्रशासनिक निर्देश: अधिकारियों को संवेदनशील कार्यशैली अपनाने की हिदायत, पेयजल आपूर्ति का समय-चक्र निर्धारित करने के लिए किया पाबंद
डीग, (नीरज जैन)मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान के संकल्प को मूर्त रूप देने और आगामी राज्य बजट को जन-उन्मुखी बनाने के उद्देश्य से डीग जिले के प्रभारी मंत्री एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मंगलवार को पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। इसके पश्चात उन्होंने विभिन्न वर्गों के साथ बजट पूर्व संवाद कर उनके अमूल्य सुझाव आमंत्रित किए। कार्यक्रम में डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा, जिला कलेक्टर उत्सव कौशल, जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कसवा की उपस्थिति ने आगामी बिंदुओं को।लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
संवाद कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि लोकतंत्र में बजट केवल वित्तीय प्रावधानों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं का दर्पण होता है। हमारी सरकार का प्रयास है कि आगामी बजट सर्व-समावेशी और सर्व-स्पर्शी हो, जिसमें समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति का हित सुरक्षित रहे।
सड़क और पेयजल पर सख़्त अनुपालन के निर्देश=
विभागीय समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री रावत ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन डालने हेतु खोदी गई सड़कों की स्थिति पर गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों का रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए। श्री रावत ने निर्देशित किया कि सड़क मरम्मत कार्य का भौतिक सत्यापन संबंधित ग्राम पंचायत या ग्राम विकास अधिकारी से लिखित में लिया जाए।
विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने रेखांकित की विकासात्मक प्राथमिकताएं=
बैठक में डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं को अत्यंत गंभीरता और तर्कों के साथ पटल पर रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि चंबल परियोजना और जल जीवन मिशन के कार्यों में बेहतर तकनीकी समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि संसाधनों का अपव्यय न हो और कार्य की गति बाधित न हो। विधायक डॉ सिंह ने ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर बल देते हुए रारह में नवीन पुलिस चौकी की स्थापना, क्षतिग्रस्त सड़कों के नव-निर्माण और सुचारू पेयजल प्रबंधन की बात प्रमुखता से रखी।प्रभारी मंत्री रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुशासन में संवादहीनता का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने हिदायत दी कि सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों और आमजन के दूरभाष पर विनम्र और त्वरित प्रत्युत्तर दें। पेयजल समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक क्षेत्र में जलापूर्ति का एक निश्चित समय-चक्र (टाइम टेबल) जारी कर उसकी पालना सुनिश्चित की जाए।
बजट पूर्व संवाद में प्रभारी मंत्री सुरेश सिंह रावत ने चिकित्सकों, व्यापारिक संगठनों और युवाओं के विचार सुने। इसमें मुख्य रूप से डीग के ऐतिहासिक महलों के तालाबों की सफाई, कामां में महाविद्यालय की आवश्यकता और शहरी ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने जैसे सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें राज्य सरकार को प्रेषित किया जाएगा। बैठक में प्रधान प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


