राणासर निर्झरा धाम आश्रम पर 108 कुडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शानदार आगाज
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव ) नीमकाथाना के नजदीक राणासर में स्थित निर्झर धाम में रविवार को विशाल कलश यात्रा के साथ 108कुंडीय श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ की विधिवत् शुरूआत हो गई है। नागौर बल्डाधाम के महंत सीताराम दास महाराज के परम् सानिध्य में हो रहे श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ के तहत धार्मिक कार्यक्रमों की शुरूआत रविवार से कलश यात्रा के साथ शुरू हुई थी l
यज्ञ प्रवक्ता संजय शास्त्री ने बताया कि सोमवार को प्रातः कालीन गणपति आदि देवताओं की पूजा होने के बाद अरणी मंथन करके अग्नि देव को अवॉइड किया गया तथा प्रारंभ में भगवान गणेश, मातृका ,नवग्रह, वरुण भगवान, 64 योगिनी, 52 भैरव ,भगवान वास्तु ,भद्र मंडल देवताओं की तथा पुरुष सूक्त की आहुति दिलवाई गई l अरणी मंथन श्री श्री 108 सीताराम दास जी महाराज बल्डा धाम, झडाया बजरंग धाम आश्रम के महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सीताराम दास जी महाराज, अवध बिहारी दास घोघाडी धाम के सानिध्य में अरणी मंथन हुआ l
यज्ञाचार्य चिरंजीव शास्त्री के सानिध्य में विप्रजनों ने 108कुंडीय श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ में यजमानों की पूजा अर्चना करवाकर मंडप प्रवेश करवाया। यज्ञ प्रेमी मदनलाल भांवरिया ने बताया कि सोमवार को प्रातः देव पूजा, अरणी मन्थन, अग्नि स्थापना, यज्ञ प्रारम्भ व संध्या आरती, 9मार्च से 15 मार्च तक प्रातः 9 से 12 बजे व दोपहर 3 से 6 बजे तक यज्ञ में आहुतियां दी जायेंगी। 16 मार्च को प्रातः 12ः15 बजे देवपूजा के बाद पूर्णाआहुति होगी। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन भी होगा। धार्मिक कार्यक्रम में पधारे विप्रजनों व संतों का सम्मान भी किया जायेगा। यज्ञ में आहुतियां आध्यात्मिक पर्यावरणीय और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है l यह देवताओं को प्रसन्न कर आशीर्वाद पाने और स्वाहा के माध्यम से सामग्री पहुंचाने का माध्यम है जो वातावरण से हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट करने मानसिक शांति व मन शरीर की शुद्धिकरण करने में सहायक है l
यज्ञ प्रेमी मदनलाल भावरिया ने बताया कि सीतारामदास महाराज बल्डाधाम नागौर के सानिध्य में 105 महायज्ञ देश के विभिन्न राज्यों में सम्पन्न हो चूंके है। निर्झरा धाम आश्रम पर सीताराम दास जी महाराज बल्डाधाम के सानिध्य में यह 106 वा यज्ञ चल रहा है