अलवर जिला प्रशासन की अनूठी पहल: पार्क में खुली 'विद्या कुंज' लाइब्रेरी, मुख्य सचिव ने बताया क्रांतिकारी कदम
अलवर: (कमलेश जैन) राजस्थान की चर्चित आईएएस अलवर कलेक्टर अर्तिका शुक्ला एक बार फिर अपने नवाचार को लेकर चर्चा में है। दरअसल, अलवर जिला प्रशासन ने राजस्थान में नई पहल 'पार्क लाइब्रेरी' की शुरुआत की है। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के विजन से तैयार इस अभिनव पहल को 'विद्या कुंज' का नाम दिया गया है। नगर विकास न्यास (UIT) के सहयोग से शहर की बुद्ध विहार कॉलोनी के डी-ब्लॉक स्थित एक पार्क में इस पब्लिक लाइब्रेरी को विकसित किया गया है।
अर्तिका शुक्ला की नई मुहिम पार्क लाइब्रेरी.. इस लाइब्रेरी की अनूठी विशेषताएं-
- ग्लास हॉल डिजाइन: लाइब्रेरी का काफी आकर्षित तरीके से विकसित किया गया है। ग्लास हॉल डिजाइन से युक्त पार्क में बनी ये लाइब्रेरी पाठकों को बंद कमरे के बजाय प्रकृति के करीब होने का एहसास कराता है। पार्क में बनी ये लाइब्रेरी बेहद खास है।
- विशाल क्षमता: इस लाइब्रेरी में 5000 से अधिक पुस्तकें रखने की क्षमता है। वर्तमान में यहाँ प्रतियोगी परीक्षा, साहित्य, सामान्य ज्ञान और धार्मिक विषयों की करीब 1500 पुस्तकें उपलब्ध हैं।
- एकाग्रता और ताजगी: यहां ताजी हवा और परिंदों की चहचहाहट के बीच अध्ययन करना न केवल मानसिक तनाव कम करता है, बल्कि एकाग्रता को भी बढ़ाता है।
जल्द ही जनता को होगी समर्पित लाइब्रेरी: कलेक्टर ने 'पुस्तक दान' के जरिए की जन-सहभागिता की अपील
कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने के लिए नागरिकों और भामाशाहों से विशेष अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि लोग अपने घरों में रखी उपयोगी पुस्तकें इस लाइब्रेरी को दान करें। इसके लिए प्रशासन ने 15 दिनों का विशेष समय निर्धारित किया है। कोई भी नागरिक बुद्ध विहार स्थित पार्क लाइब्रेरी में जाकर अपनी पुस्तकें भेंट कर सकता है।
मुख्य सचिव ने भी तारीफ की
अलवर की इस नई पहल और मॉडल की तारीफ सोशल मीडिया और राजस्थान के ब्यूरोक्रेसी के खेमे में भी खूब हो रही है। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोशल मीडिया पर इस पहल को 'लाउडेबल' (प्रशंसनीय) बताते हुए डॉ. आर्तिका शुक्ला और उनकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि 'विद्या कुंज' राजस्थान में लाइब्रेरी मूवमेंट को मजबूती देने वाला एक क्रांतिकारी कदम है।
जानिए डॉ. आर्तिका शुक्ला के बारे में
राजस्थान कैडर की 2015 बैच की प्रतिष्ठित IAS अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला राजस्थान की चर्चित अफसर हैं। उन्होंने साल 2015 में बिना किसी कोचिंग के अपने पहले ही प्रयास में देशभर में चौथी रैंक (AIR 4) हासिल की थी, जबकि 2015 की यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में पहले स्थान पर टीना डाबी रही थी। बता दें कि दोनों टॉपर आईएएस ना सिर्फ अपने कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहती है। बल्कि इनकी दोस्ती की मिसाल भी खूब सुर्खियों में रहती हैं। MBBS के बाद सिविल सेवा में आने वाली डॉ. अर्तिका शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली हैं।

