ललित कुंज आश्रम में पांच दिवसीय चंदन महोत्सव संपन्न; ठाकुर ललित मोहिनी देव जू का हुआ भव्य चंदन श्रृंगार
वृंदावन (विष्णु मित्तल) परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में चल रहे पंचदीवसीय चंदन महोत्सव के अंतिम दिवस पर आश्रम परिसर में प्रातः कालीन बेला में ठाकुर जी के समक्ष समाज गायन एवं भव्य फूल बंगले का आयोजन किया गया। साथ ही आश्रम में विराजित ठाकुर ललित मोहिनी देव जू महाराज का चंदन से भव्य श्रृंगार किया गया। इस मौके पर जानकारी देते हुए हरिदासीय संप्रदाय के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज ने बताया कि अक्षय तृतीया के पावन मौके से पंच दिवसीय चंदन महोत्सव का आगाज हुआ।
उन्होंने बताया कि चंदन महोत्सव में हरिदासीय संप्रदाय के आचार्य स्वामी भगवत रसिक देव जू महाराज का महोत्सव मनाया जाता है। वही उन्होंने बताया कि स्वामी भगवत रसिक देव जू महाराज हरिदासीय संप्रदाय के आचार्य स्वामी ललित मोहिनी देव जू के परम शिष्य थे। उन्होंने बताया कि स्वामी भगवत रसिक देव जू महाराज संप्रदाय के आचार्य बिहारीन देव जू महाराज के अवतार थे।
उन्होंने बताया कि स्वयं जग की स्वामिनी प्रिया जी ने महाराज श्री को नित्य बिहार प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि महाराज श्री द्वारा रचित वाणी को सभी संप्रदाय अनुसरण करते है और जो रसिक संत है उनके लिए महाराज श्री की वाणी संजीवनी बूटी से कम नहीं है।
महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अक्षय तृतीया से पंच दिवसीय चंदन महोत्सव का आगाज बड़े ही धूमधाम के साथ हुआ। उन्होंने बताया कि उत्सव के दौरान नित्य प्रतिदिन समाज गायन, साधु संतों का बृहद भंडारा, महंतो का स्वागत और ठाकुर जी के समक्ष गर्मी से राहत देने हेतु चंदन का श्रृंगार एवं भव्य फूल बंगले का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि चंदन श्रृंगार के लिए साउथ से विशेष तौर पर चंदन की लकड़ी मंगवाई जाती है। जिससे ठाकुर जी के लिए चंदन का लेप तैयार किया जाता है। जिसमें अनेकों प्रकार की जड़ी बूटियों का मिश्रण किया जाता है। उन्होंने बताया कि आज उत्सव के अंतिम दिवस आश्रम परिसर में ठाकुर जी की विशेष आरती, साधुओं का बृहद भंडारा एवं ठाकुर जी का पंचगव्य पदार्थो से महाभिषेक किया गए है। इस मौके पर महंत अचल दास महाराज, योगेश गर्ग, प्रमोद गौतम, श्याम दास, कृष्णा दास, राधा दासी, पुरुषोत्तम, विराज, सूरज, यश, हनी आदि मौजूद रहे


