साइबर अपराधों से बचाव को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
कठूमर (दिनेश लेखी) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के अध्यक्ष अनंत भंडारी तथा सचिव मोहनलाल सोनी के तत्वावधान में मंगलवार को अग्रसेन महिला महाविद्यालय, खेरली में साइबर क्राइम एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर के अध्यक्ष उदय सिंह अलोरिया के निर्देशन में किया गया।
शिविर में विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. बनवारी लाल ने विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा एवं सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पीएलवी दीपक कुमार एवं वीरेंद्र कुमार ने साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया अपराध तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर सेल एवं संबंधित विभाग से संपर्क करना चाहिए।
तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर की सचिव रूचि शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए आमजन विशेषकर विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें, ओटीपी अथवा बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
शिविर में साइबर अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, साइबर हेल्पलाइन सेवाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा महिलाओं एवं बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, डिजिटल अधिकारों तथा विधिक सहायता योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता एवं सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, जिनमें साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930, महिला हेल्पलाइन 1091, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 तथा डीएलएसए हेल्पलाइन 15100 शामिल हैं। निःशुल्क विधिक सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर से संपर्क करने की अपील भी की गई।


