कुम्हेर गेट रोड वाला फ्लाईओवर बने, शेष रिंग रोड 6 लेन हो; काली की बगीची–सूरजपोल फ्लाईओवर निरस्त कर बचत राशि शहर के विकास कार्यों पर खर्च की जाए - गुप्ता
भरतपुर, (विष्णु मित्तल) भरतपुर शहर में राज्य सरकार द्वारा लगभग 370 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजनाओं को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पहले मुख्यमंत्री हैं जो भरतपुर को सुन्दर व भविष्य का शहर बनाने की सोच रखते हैं। लेकिन इसी तरह से या इसी गति से विकास होता है तो सरकार के बचे 2 साल भी इस प्रस्तावित कार्य के करना सम्भव नहीं है। प्रशासन कितना भी जोर लगा ले ये कार्य पूर्ण इन 2 सालों की अवधि में नहीं हो सकते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री को इस यश की भागीदरी नहीं मिलेगी, यह तय है।
अगर काली बगीची वाले फ्लाईओवर को निरस्त कर दिया जाता है तो निश्चय ही भरतपुर शहर के करीब-करीब कार्य दो साल के अन्दर पूर्ण हो जायेंगे। और मुख्यमंत्री को इसका पूरा श्रेय मिलेगा। इसके अलावा शहर और सुन्दर और आकर्षक भी हो जायेगा। प्रशासन भी अनावश्यक दबाव से मुक्त हो जायेगा।
गुप्ता ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में शहर को दो बड़े फ्लाईओवरों की नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन और दीर्घकालिक शहरी नियोजन की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि रिंग रोड को 6 लेन में विकसित कर आगामी 25 वर्षों तक बढ़ते ट्रैफिक दबाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
पत्रकार वार्ता में गुप्ता ने कहा कि यदि दोनों फ्लाईओवर परियोजनाओं को निरस्त करना संभव नहीं हो, तो हीरादास से कुम्हेर गेट तक प्रस्तावित फ्लाईओवर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि उसके लिए निर्माण सामग्री एवं ब्लॉक पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं काली की बगीची से सूरजपोल चौराहे तक प्रस्तावित फ्लाईओवर की उपयोगिता शहर की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है और उसका निर्माण कार्य अभी प्रारम्भिक अवस्था में है, जिसमें कुल कार्य का 10 प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में इस परियोजना को रोककर सरकार बड़ी वित्तीय बचत कर सकती है तथा उस राशि का उपयोग भरतपुर शहर की सड़कों, जल निकासी, यातायात प्रबंधन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास जैसे अधिक जनहितकारी कार्यों में किया जा सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि बचत राशि का उपयोग शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ करने, रारह पुल के पुनर्निर्माण, सुजान गंगा के जीर्णोद्धार, यातायात सुधार, पार्किंग व्यवस्थाओं तथा शहर सौन्दर्यीकरण जैसे स्थायी विकास कार्यों पर किया जाए, जिससे आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा। फ्लाईओवरों के बारे में निर्णय शीघ्र नही लिया गया तो सरकार का कार्यकाल पूरा होने के बाद हो सकता है अगली सरकार इन कार्यों को पूरा करने में रूचि नही ले !
गुप्ता ने कहा कि भरतपुर शहर पहले से ही संकरी सड़कों, अव्यवस्थित यातायात और पार्किंग की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। फ्लाईओवर निर्माण कार्यों के कारण रिंग रोड के बड़े हिस्से अवरुद्ध हो जाने से शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं। विशेष रूप से व्यापारिक क्षेत्रों में ग्राहकों की आवाजाही कम हुई है, जिससे स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन छात्र-छात्राओं, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। इसका प्रतिकूल प्रभाव पर्यटन उद्योग पर भी पड़ रहा है। भरतपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को भी लंबे जाम में फंसना पड़ता है, जिससे उनका समय नष्ट होता है और शहर की छवि प्रभावित होती है।
पत्रकार वार्ता में सीताराम गुप्ता ने फ्लाईओवरों के सामाजिक एवं शहरी प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अधिकांश शहरों में फ्लाईओवरों के नीचे अतिक्रमण, गंदगी, अव्यवस्थित पार्किंग, असामाजिक गतिविधियाँ तथा आवारा पशुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। इससे शहर की स्वच्छता, सौन्दर्य और समग्र शहरी वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


