ग्रामीण सेवा शिविर बना सुशासन का सशक्त मंच, मौके पर निस्तारित हुए वर्षों पुराने प्रकरण
जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, किसानों व स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भरता का दिया संदेश
कठूमर (दिनेश लेखी) राजस्थान सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत मंगलवार को ग्राम पंचायत नूरपुर स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित शिविर आमजन के लिए राहत, समाधान और विकास का प्रभावी मंच साबित हुआ। शिविर में जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने स्वयं मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी श्यामसुंदर चेतीवाल, तहसीलदार भानु प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शिविर में राजस्व विभाग ने वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करते हुए ग्राम नूरपुर निवासी जगराम की ग्राम गंजपुर स्थित खसरा संख्या 330 के विभाजन का प्रकरण मौके पर ही निपटाया। इसके अलावा धारा-166 के अंतर्गत चार तथा धारा-136 के अंतर्गत एक प्रकरण में राजस्व अभिलेखों की शुद्धि कर संबंधित नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान की गई। इससे ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति संतोष व्यक्त किया।
16.27 लाख के अनुदान से बदली किसान की तस्वीर
कृषि विभाग की ओर से आयोजित संवाद में ग्राम सलेमपुर निवासी किसान छगनलाल सैनी ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत पॉलीहाउस एवं फार्म पॉण्ड निर्माण के लिए उन्हें 16.27 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे खेती की उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने सरकार एवं कृषि विभाग का आभार जताते हुए किसानों से आधुनिक एवं संरक्षित खेती अपनाने का आह्वान किया। उनकी सफलता की कहानी ने शिविर में उपस्थित किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वृद्धजन एवं दिव्यांगों को मिले यात्रा पास
शिविर के दौरान जिला कलक्टर ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से 9 पात्र वृद्धजन एवं विशेष योग्यजनों को निःशुल्क यात्रा पास वितरित किए। लाभार्थियों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
राजीविका समूहों की भूमिका पर दिया विशेष जोर
शिविर में जिला कलक्टर ने राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली। क्लस्टर मैनेजर कोमल कुमारी एवं हेमलता चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत नूरपुर में 31 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 325 महिलाएं जुड़ी हुई हैं और विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत साफ-सफाई, प्लास्टिक कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य स्थानीय आजीविका आधारित कार्यों में स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आय में वृद्धि होने के साथ उन्हें "लखपति दीदी" अभियान से भी जोड़ा जा सकेगा।
"गांव तक पहुंचे प्रशासन से बढ़ता है विश्वास" : जिला कलक्टर
इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने कहा कि जब प्रशासन गांव तक पहुंचता है तो केवल प्रकरणों का निस्तारण नहीं होता, बल्कि लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत होता है और विकास की नई शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी हैं और उन्हें अधिक से अधिक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, विभागीय सहयोग और किसान की मेहनत का समन्वय ही समृद्ध कृषि तथा आत्मनिर्भर किसान की पहचान है।


