भीलवाड़ा महात्मा गांधी चिकित्सालय में 5 महिलाओं की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला
भीलवाड़ा: (राजकुमार गोयल) पब्लिक पावर एंड अवेयरनेस सोसायटी, भीलवाड़ा के अध्यक्ष गोटू सिंह मंगलपुरा ने राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा में 7 जुलाई से 10 जुलाई 2026 के बीच उपचार के दौरान हुई 5 महिलाओं की मौत के मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए इसे डायरी क्रमांक 714/IN/2026 के रूप में दर्ज कर लिया है।
गोटू सिंह मंगलपुरा ने अपनी शिकायत में कहा है कि इतने कम समय में लगातार पांच महिलाओं की मौत होना सरकारी चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इन मौतों के पीछे चिकित्सकीय लापरवाही, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, दवाओं एवं जीवनरक्षक उपकरणों का अभाव, संक्रमण नियंत्रण में विफलता अथवा अस्पताल प्रशासन की उदासीनता रही है, तो यह नागरिकों के जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है।
शिकायत में आयोग से मांग की गई है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच किसी स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड अथवा राज्य से बाहर के विशेषज्ञों से कराई जाए। साथ ही मृतकों के उपचार संबंधी सभी मेडिकल रिकॉर्ड, आईसीयू रिकॉर्ड, दवा रिकॉर्ड एवं मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच कराई जाए तथा दोषी चिकित्सकों एवं अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
सोसायटी ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने, जिन बच्चों की माताओं का निधन हुआ है उनके पालन-पोषण एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय की चिकित्सा सेवाओं, आईसीयू, ब्लड बैंक, संक्रमण नियंत्रण एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं का स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी मांग की है।
गोटू सिंह मंगलपुरा ने कहा कि यह मामला केवल पांच महिलाओं की मृत्यु तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन के अधिकार और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में जनता के विश्वास से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने मानवाधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।


