लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' की भव्य शुरुआत; कलश पूजन और शोभायात्रा के साथ श्रमदान का शंखनाद
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन)। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार नगर पालिका लक्ष्मणगढ़ द्वारा क्षेत्र में जल संकट के समाधान और पर्यावरण सुधार हेतु एक अनूठी पहल की गई है। सोमवार को नगर पालिका क्षेत्र के कनवाड़ा में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारंभ पूर्ण विधि-विधान से दीप प्रज्वलन, कलश पूजन और ग्रामीण महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश शोभायात्रा के साथ किया गया।
यह उद्घाटन कार्यक्रम कनवाड़ा स्थित हनुमान जी मंदिर के पास ऐतिहासिक जोहड़ (पारंपरिक तालाब) पर प्रातः काल आयोजित किया गया, जिसका संयोजन नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता (JEN) श्याम सुंदर पांडे द्वारा किया गया। इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शुरुआत में स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अभियान के पहले ही दिन पालिका प्रशासन और स्थानीय समुदाय द्वारा कनवाड़ा जोहड़ तथा उसके आस-पास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर श्रमदान कर सफाई कार्य शुरू किया गया। इसके साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए अभियान के अंतर्गत विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ भी लगवाई गई हैं।
- मानसून से पहले जल स्रोतों का पुनर्जीवन मुख्य लक्ष्य:
दूरभाष पर अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) जगदीश खीचड़ ने बताया कि, "मानसून के आगमन से ठीक पहले क्षेत्र के पारंपरिक जल स्रोतों को साफ करना, उनका जीर्णोद्धार करना और उनकी जल संग्रहण क्षमता को बढ़ाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इससे न केवल वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सकेगा, बल्कि क्षेत्र के भूजल स्तर (Groundwater Level) में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इसके साथ ही मानसून के दौरान विभिन्न स्थानों पर सघन पौधारोपण भी किया जाएगा।"
- जन-आंदोलन बनेंगे युवा, तैयार होंगे 'जलदूत':
कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित कनिष्ठ अभियंता श्यामसुंदर पांडे ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण सिर्फ एक सरकारी प्रयास या कागजी योजना नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के जीवन और भविष्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने घोषणा की कि इस अभियान को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, जिसमें स्थानीय समुदाय, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन (NGOs) और सरकारी विभाग मिलकर काम करेंगे। इस योजना के तहत युवाओं को विशेष रूप से 'जलदूत' के रूप में प्रशिक्षित और तैयार किया जाएगा, जो घर-घर जाकर जल संरक्षण का संदेश देंगे। इसके अलावा, क्षेत्र में चेतना जगाने के लिए समय-समय पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नगर पालिका प्रशासन की यह दूरदर्शी पहल न केवल लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के सूख रहे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की दिशा में एक अनुकरणीय मिसाल कायम करेगी।


