परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगी, फिर हत्या!: भरतपुर पुलिस का बड़ा खुलासा; 16 महीने बाद सुलझी प्रहलाद बैरवा अपहरण व मर्डर की गुत्थी
रुपये हड़पने की नीयत से रची थी अपहरण और हत्या की साजिश, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस तक पहुंचे हाथ
वैर (भरतपुर) कोश्लेंद्र दत्तात्रेय । वैर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित प्रहलाद बैरवा अपहरण एवं हत्याकांड का भरतपुर पुलिस ने करीब 16 महीने की कड़ी जांच के बाद आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, आरोपियों की निशानदेही पर मृतक प्रहलाद बैरवा के कंकाल/शव के अवशेष भी बरामद कर लिए हैं।
ठगी के रुपये वापस न करने पड़े, इसलिए की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने प्रहलाद बैरवा को प्रतियोगी परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर उससे मोटी रकम ली थी। जब प्रहलाद ने अपने रुपये वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों की नीयत बिगड़ गई। रुपये लौटाने से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश रची। इसके तहत पहले प्रहलाद का अपहरण किया गया और फिर निर्मम हत्या कर शव को किसी सूनसान जगह पर ठिकाने लगा दिया गया।
16 महीने बाद मिला सुराग
घटना के बाद से ही पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई थी। करीब 16 महीने तक चली गहन जांच, साइबर सेल की मदद और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की टीमें आरोपियों तक पहुँचने में सफल रहीं। पुलिस कस्टडी में हुई सख्त पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी वारदात का खुलासा कर दिया।
अन्य पहलुओं की भी जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक के शव के अवशेष बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। भरतपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं और किसी तीसरे की संलिप्तता की भी बारीकी से जांच कर रही है।

