29 नंबर वाले को दिलाए 190 अंक: 2018 लैब असिस्टेंट भर्ती ओएमआर फर्जीवाड़े में एक और फर्जी अभ्यर्थी दबोचा
जयपुर:
राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने साल 2018 की प्रयोगशाला सहायक (लैब असिस्टेंट) सीधी भर्ती परीक्षा में OMR शीट में धांधली कर नौकरी पाने वाले एक और फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा ओएमआर शीट की दोबारा जांच कराने पर इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।
29 अंक के बना दिए 190 नंबर
एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान जयप्रकाश (28), निवासी बैलारा (थाना नदबई, जिला भरतपुर) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि परीक्षा में आरोपी के वास्तविक अंक महज 29 थे, लेकिन ओएमआर स्कैनिंग के दौरान रिकॉर्ड में हेरफेर कर उसके अंक 190 दर्शा दिए गए। इसी फर्जीवाड़े के आधार पर उसका अंतिम चयन भी हो गया था।
27 अभ्यर्थियों की OMR में की गई थी हेराफेरी
SOG की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि ओएमआर स्कैनिंग एजेंसी के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़ और शादाब खान ने एजेंसी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह के साथ मिलकर कुल 27 अभ्यर्थियों की OMR शीट में गड़बड़ी की थी।
इस मामले में एजेंसी के निदेशकों, कर्मचारियों और कई अभ्यर्थियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। इनमें महेंद्र कुमार मीणा, देवेंद्र सिंह गुर्जर, विजय सिंह मीणा, पिंटू कुमार मीणा, संजय कुमार सैनी और पंकज कुमार सैनी शामिल हैं।
फरार आरोपियों पर SOG का शिकंजा
आईजी एसओजी अजयपाल लांबा, डीआईजी भुवन भूषण यादव और एसपी कुंदन कंवरिया के निर्देशन में जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक यशवंत सिंह की टीम फरार चल रहे आरोपियों की लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी जयप्रकाश को धर दबोचा गया। पुलिस अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।

