मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भरतपुर चिकित्सा विभाग की नई पहल, प्रथम चरण में 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं शुरू
भरतपुर(कोश्लेंद्र दत्तात्रेय)। जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एक नई पहल करते हुए 'प्रसव हेल्प डेस्क' की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों में आने वाली गर्भवती महिलाओं को त्वरित सहायता, आवश्यक मार्गदर्शन और समन्वित स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. गौरव कपूर ने बताया कि प्रथम चरण में राजकीय जनाना चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय नदबई, उप जिला चिकित्सालय (बयाना, रूपवास, वैर), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (भुसावर, हलैना, रूदावल, बंशीपहाड़पुर, उच्चैन, सेवर, पथेना) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (धरसोनी एवं बाछरैन) में प्रसव हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं।
24 घंटे मुस्तैद रहेंगी 'प्रसव सखी'
इन हेल्प डेस्क पर 24 घंटे (24x7) प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारियों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों को 'प्रसव सखी' के रूप में तैनात किया गया है। पिंक एप्रन पहनकर तैनात रहने वाली ये प्रसव सखियां अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं का स्वागत करेंगी, उनका पंजीकरण कराएंगी, जरूरी जांच व उपचार में सहयोग कर उन्हें संबंधित वार्ड तक पहुंचाएंगी।
हाई रिस्क गर्भवतियों पर रहेगा विशेष फोकस
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने बताया कि प्रसव सखियां प्रसव पूर्व, प्रसव के दौरान और प्रसवोत्तर (प्रसव के बाद) देखभाल में लगातार मार्गदर्शन करेंगी। इससे उच्च जोखिम वाली (High-Risk) गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस पहल से प्रभावी रेफरल प्रबंधन, सतत निगरानी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को बड़ी मजबूती मिलेगी।

