राजस्थान के आयुष्मान कार्ड से गुजरात में होगा इलाज! CMO ने संज्ञान लेकर मांगी रिपोर्ट, लाखों परिवारों की टिकी निगाहें
तखतगढ़ | बरकत खा
पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लाखों नागरिकों के लिए एक बेहद राहतभरी खबर सामने आई है। राजस्थान की 'आयुष्मान आरोग्य योजना' का लाभ गुजरात राज्य के सूचीबद्ध अस्पतालों में भी दिलवाने की मांग पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने त्वरित संज्ञान लिया है। सीएमओ ने इस संबंध में संबंधित विभाग को मामला भेजकर आगामी 7 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
तखतगढ़ के छगन लाल की पहल पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई तखतगढ़ गौरव पथ निवासी छगन लाल घांची द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए एक प्रार्थना-पत्र के बाद हुई है। पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को निर्देश दिए हैं कि आवेदन में उठाए गए बिंदुओं की गंभीरता से जांच कर 7 दिन के भीतर वस्तुस्थिति से सीएमओ को अवगत कराया जाए।
लाखों परिवारों का हित जुड़ा है इस मांग से
प्रार्थना-पत्र में उल्लेख किया गया था कि पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर और जैसलमेर सहित कई सीमावर्ती जिलों के लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वर्षों से नजदीकी राज्य गुजरात के अस्पतालों पर निर्भर हैं। लेकिन राजस्थान की आयुष्मान योजना का लाभ गुजरात के अस्पतालों में न मिलने के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी-भरकम इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता है।
फैसले से मिलेगी आर्थिक संबलता
यदि राज्य सरकार गुजरात के अस्पतालों में भी इस योजना को हरी झंडी देती है, तो सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों मरीजों को न केवल समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से भी बड़ी मुक्ति मिलेगी। फिलहाल, सभी की निगाहें राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की आगामी रिपोर्ट और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

