रसगण में जोहड़ निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई; विकास अधिकारी ने रुकवाया काम, जांच के आदेश
अलवर जिले की रामगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रसगण में 'लालदास वाली जोहड़' की सुरक्षा दीवार और सौंदर्यीकरण के निर्माण कार्य में ग्रामीणों द्वारा घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। ग्राम विकास अधिकारी (VDO) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठेकेदार को तुरंत काम रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
विधायक कोटे से स्वीकृत है 11 लाख का बजट:
उल्लेखनीय है कि रसगण पंचायत में स्थित लालदास वाली जोहड़ की सुरक्षा दीवार और सफाई कार्य के लिए विधायक कोटे से 11 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने भारी रोष व्यक्त किया था।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप:
ग्रामीणों के अनुसार, स्वीकृत एस्टीमेट के तहत सुरक्षा दीवार की नींव 5 फीट गहरी खोदी जानी थी, जिसे ठेकेदार द्वारा महज 1 फीट खोदकर मिट्टी से भर दिया गया। इसके अलावा चिनाई कार्य में सीमेंट के स्थान पर मिट्टी मिश्रित घटिया सामग्री का उपयोग करने, जोहड़ के पायदान को तकनीकी मानकों के अनुरूप सुदृढ़ न करने तथा जोहड़ की मुख्य भूमि से 15-20 फीट जगह छोड़कर दीवार बनाने जैसी गंभीर वित्तीय व तकनीकी अनियमितताएं सामने आईं। ग्रामीणों की आशंका थी कि इस लापरवाही से पहली ही बारिश में दीवार ढह सकती है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होगा।
प्रशासनिक रुख एवं कार्रवाई:
मामले की जानकारी मिलते ही रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी (VDO) श्री हरीश वर्मा ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और ठेकेदार को तुरंत प्रभाव से काम बंद करने की हिदायत दी।
हरीश वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी, रामगढ़ का कहना है कि - "ग्रामीणों की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार को काम रोकने के निर्देश दे दिए गए हैं। पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाएगी। प्रशासन यह स्पष्ट करता है कि जब तक निर्माण कार्य स्वीकृत एस्टीमेट और निर्धारित उच्च मानकों के अनुरूप पूर्ण नहीं कर लिया जाता, तब तक ठेकेदार को किसी भी प्रकार का भुगतान (Payment) नहीं किया जाएगा।"
प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।


