आदर्श गांव नांदिया कलां का पर्यावरण मॉडल देखने पहुंचे IIT जोधपुर के शोधार्थी: आध्यात्मिकता से जोड़ा जल व प्रकृति संरक्षण
बावड़ी (जोधपुर) | मिश्रीलाल लखारा
बावड़ी उपखंड के आदर्श गांव नांदिया कलां में आध्यात्मिकता और जनसहभागिता के जरिए पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा मॉडल देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर के 'स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स' के शोधार्थियों और विद्यार्थियों की टीम ने गांव में चल रहे जल एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यों का स्थल निरीक्षण कर अध्ययन किया।
आध्यात्मिकता और जनसहभागिता का अनोखा संगम
युवा सरपंच जसवंत सिंह भाटी ने बताया कि गांव में जल और पर्यावरण संरक्षण का कार्य लगातार जारी है। इस मुहिम में सबसे बड़ा योगदान ग्रामीणों के सहयोग और सहभागिता का है। उन्होंने बताया कि परम पूजनीय लालपुरी जी महाराज और वैरागी संत श्री प्रेम सुखदास जी महाराज के मार्गदर्शन में इस कार्य को आगे बढ़ाया गया। सरपंच ने कहा कि भारत की आत्मा आध्यात्मिकता से जुड़ी है; जब प्रकृति पूजा और आध्यात्मिकता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाता है, तो सफलता निश्चित मिलती है। इसी सोच का नतीजा गांव की प्रसिद्ध 'नक्षत्र वाटिका' है।
IIT प्रोफेसर ने की 'नक्षत्र वाटिका' मॉडल की सराहना
IIT जोधपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. भास्कर कुमार काकति ने नक्षत्र वाटिका का अवलोकन करने के बाद ग्रामीणों व महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने इस मॉडल को अपने आप में एक अद्भुत और अनुकरणीय प्रयोग बताया।
संरक्षण प्रयासों के चलते आज गांव में 200 से अधिक पीपल व वटवृक्षों के साथ-साथ हजारों देसी प्रजातियों के पेड़ लहलहा रहे हैं। जो तालाब और जलाशय कभी वृक्ष विहीन हुआ करते थे, वहां आज हरे-भरे पेड़ों की कतारें खड़ी हैं। इससे न केवल गांव में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ा है, बल्कि मूक पशु-पक्षियों के लिए आहार और भीषण गर्मी में आश्रय भी सुलभ हुआ है।
इन भामाशाहों और संस्थाओं का मिला सहयोग
इस पुनीत कार्य में समस्त महाजन ट्रस्ट (मुंबई), सूर्या फाउंडेशन (नई दिल्ली), सूरत सेवा समिति (सूरत), भामाशाह संपत राज सिंघवी (चेन्नई) सहित अनेक समाजसेवियों का विशेष आर्थिक व सामाजिक सहयोग रहा है।
विजिट में यह लोग रहे शामिल
इस विजिट के दौरान IIT जोधपुर से डॉ. भास्कर कुमार काकति के साथ पीएचडी शोधार्थी मृगांक व ऋषभ, युवा सरपंच जसवंत सिंह भाटी, प्रकाश मंजू गोस्वामी, पूजा पवार (शिक्षिका, सूर्या सिलाई केंद्र), सुंदर मेघवाल, कमल, संतोष सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

