तालाब में तब्दील हुआ पीएम कम्पोजिट स्कूल गौरा: नहर के पानी और जलभराव से पढ़ाई-खेल सब ठप
पिपराइच/बेलाकांटा / शशि जायसवाल
विकास खंड पिपराइच स्थित पीएम कम्पोजिट विद्यालय गौरा में लगातार हो रही बारिश और पास के नहर-नाले का पानी घुस आने से पूरा परिसर तालाब बन चुका है। आलम यह है कि जलभराव की वजह से छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन और खेलकूद जैसी मूलभूत गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ गई हैं। स्कूल आने-जाने के रास्ते में पानी भरा होने से छोटे-छोटे मासूम जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचने को मजबूर हैं।
जंग खा रही खेल सामग्री, अभिभावकों में चिंता
विद्यालय का विस्तृत खेल मैदान पूरी तरह जलमग्न है। शासन की ओर से बच्चों के शारीरिक विकास के लिए जो खेल सामग्री भेजी गई थी, वह पानी में डूबे रहने के कारण सड़ और बेकार हो रही है। परिसर में चारों ओर गहरे पानी के कारण बच्चों के फिसलने या अनहोनी होने की आशंका से अभिभावक बेहद चिंतित हैं।
अधिकारियों को कई बार दी गई सूचना
विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अशोक सिंह ने बताया,
"जलभराव की इस गंभीर समस्या से विभागीय उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। शासन से हमें पर्याप्त खेल सामग्री तो मिली है, लेकिन मैदान में पानी भरा होने से बच्चे इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।"
हर साल का वही दर्द, बीमारियों का मंडराता खतरा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली बार की समस्या नहीं है। हर बरसात में विद्यालय की यही दुर्दशा होती है, लेकिन प्रशासन ने आज तक जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की। हफ्तों तक पानी जमा रहने से क्षेत्र में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बन गया है।
स्थायी ड्रेनेज सिस्टम की उठाई मांग
अभिभावकों और ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग (BSA) से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि:
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विद्यालय परिसर से पंप लगाकर तत्काल पानी निकाला जाए।
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भविष्य की समस्या को देखते हुए स्थायी नाले एवं ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया जाए।
ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उनकी पढ़ाई व खेलकूद बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सके।

