देर से मेहरबान हुआ मानसून: बावड़ी क्षेत्र में झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे, बुवाई की तैयारियों में जुटे
बावड़ी / जोधपुर (मिश्रीलाल लखारा)।
बावड़ी सहित समूचे उपखंड क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून मेहरबान हो ही गया। मंगलवार से शुरू हुई अच्छी बारिश ने प्यासी धरती को राहत देने के साथ ही क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है। मौसम विभाग द्वारा आगामी तीन-चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताए जाने से खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर किसानों की उम्मीदें फिर से परवान चढ़ने लगी हैं।
खेतों में लौटी रौनक, बुवाई में जुटे किसान
मानसून की देरी के कारण इस बार खरीफ सीजन की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। कई किसान खेत तैयार कर बारिश की एक-एक बूंद का इंतजार कर रहे थे। अब खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद किसानों ने बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार और तिल जैसी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए हल थाम लिए हैं।
देरी से बुवाई बनी चुनौती, उत्पादन पर पड़ सकता है असर
बारिश राहत जरूर लाई है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कुछ चुनौतियां भी बरकरार हैं। सहायक कृषि अधिकारी (बावड़ी) सुरेंद्रसिंह नरूका ने बताया कि समय पर बारिश न होने से पूर्व में बोई गई फसलों का अंकुरण प्रभावित हुआ है, जिससे कई जगह किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। साथ ही, फसल की अवधि कम हो जाने के कारण इस बार कुल उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जलस्रोतों और पशुपालकों को मिलेगा संबल
अगर आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता इसी तरह बनी रही, तो ना सिर्फ चारागाहों में हरियाली लौटेगी, बल्कि तालाबों और नाडियों में पानी की आवक बढ़ने से भू-जल स्तर में भी सुधार होगा। इससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्थानीय किसान नेनाराम ने बताया कि यदि बारिश का यह सिलसिला आगे भी नियमित जारी रहता है तो फसलें अच्छी स्थिति में आ जाएंगी, लेकिन बारिश थमने पर नुकसान बढ़ सकता है। फिलहाल, इस बारिश ने मरुधरा के किसानों में नई ऊर्जा भर दी है और वे पूरे उत्साह के साथ खेतों का रुख कर चुके हैं।


