दिल्ली अग्निकांड के बाद राजस्थान सरकार सख्त: 20 जून तक चलेगा महा-जांच अभियान, होटल, मकान और पीजी पर कड़ा पहरा
जयपुर (राजस्थान)
दिल्ली के भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद राजस्थान का स्वायत्त शासन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग के सचिव रवि जैन के कड़े निर्देशों के बाद अब पूरे प्रदेश में आगामी 20 जून तक एक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के होटलों, रेस्तरां, अस्पतालों, स्कूलों, पीजी, बहुमंजिला इमारतों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में फायर सेफ्टी मानकों की कड़ाई से जांच की जाएगी।
सभी 309 निकायों को कड़े निर्देश, पहली बार व्यापक जांच
स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के सभी 309 नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर जांच करने के आदेश जारी किए हैं। यह राज्य के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है जब पूरे प्रदेश में एक साथ इतने व्यापक स्तर पर फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में हुए अग्निकांड (जिसमें 8 लोगों की मौत हुई थी) के बाद यह जांच होनी थी, लेकिन बीते 1 साल से इस पर कोई काम नहीं हुआ था। अब विभाग ने इस सुस्ती को तोड़ते हुए कड़े कदम उठाए हैं।
रूफटॉप रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थान और बड़े मकानों पर विशेष नजर
- शहरों में सख्ती: प्रदेश के शहरों में चल रहे रूफटॉप रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, मैरिज गार्डनों और गेस्ट हाउसों में फायर सेफ्टी उपकरणों की सघन चेकिंग होगी।
- इनकी होगी जांच: होटलों में सिलेंडरों के उपयोग, तंग और संकरे रास्तों से आपातकालीन निकासी की स्थिति, ओवरलोड सिलेंडर ले जाने वाले वाहनों और प्रमुख पर्यटन स्थलों की सुरक्षा जांची जाएगी।
- घरों का भी होगा वार्डवार ऑडिट: निकाय क्षेत्रों में वार्ड वार अभियान चलाकर बड़े मकानों की भी जांच की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि आग लगने पर बजने वाले फायर अलार्म और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम चालू हालत में हैं या खराब।
नियम तोड़ने वालों पर सीधे सीज की कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिन स्थानों पर फायर फाइटिंग सिस्टम सरकारी मानकों और बिल्डिंग की ऊंचाई के अनुसार सही नहीं पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जिन संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी (NOC) नहीं है या जिन्होंने समय पर अपनी एनओसी को रिन्यू नहीं करवाया है, उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी एक्शन लिया जाएगा।


