हरियालो राजस्थान अभियान 2026: वन पौधशालाओं पर पौधे क्रय को उमड रहे वनप्रेमी, 2 लाख में 50 हजार 786 पौधे बिके
हलैना (विष्णु मित्तल) राजस्थान सरकार के द्वारा वन रेन्ज नदबई मुख्यालय हलैना अधीनस्थ वन पौधशालाओं पर वर्ष 2025-26 में दो लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य था और पौधशाला हलैना,खेडलीमोड एवं हिगोंटा पर ये पौधे तैयार किए गए। वन विभाग के द्वारा एक जुलाई से प्रदेशभर में मनाए जा रहे हरियालो राजस्थान अभियान के तहत जिले के उप वन संरक्षक प्रमोद कुमार धाकड के निर्देशन में सरकारी पौधशालाओं पर छायादार,फलदार,सजावटी, औषधिय पौधों की बिक्री शुरू हो गई और क्षेत्र के वनप्रेमियां पौधे क्रय करने को उमड रहे है। जिसे देख लगता है कि वर्ष 2025 की भांति इस वर्ष भी शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा होगा। रेन्ज क्षेत्र की तीनों पौधशालाओं पर अब दो लाख में 50 हजार 786 पौधे बिक चुके है। लक्ष्य को पूरा कराने में कार्यवाहक रेन्जर व हलैना वनपाल नाका के प्रभारी नरेन्द्र कुमार चौधरी,डहरामोड वनपाल नाका के फोरेस्टर सुमीत सिंह,खेडलीमोड के फोरेस्टर अजय सिंह,वन पौधशाला प्रभारी रेणुवाला मीणा,वर्षा फौजदार,हेमलता चौधरी,रिंकी सांवरिया,धर्मयुग,राजकुमार आदि सक्रिय भूमिका अदा कर रहे हैं,जो गांव-गांव जाकर वनप्रेमियों सहित शिक्षण संस्थान,सरकारी व गैर सरकारी संस्थान,ग्राम पंचायत,नगर पालिका आदि में रू-ब-रू होकर सम्पर्क कर रहे है और पौधारोपण,वन सम्प्रदा संरक्षण आदि का संकल्प दिलाकर सरकारी पौधशालाओं पर तैयार हुए पौधे और उनकी सरकारी दरों की जानकारी दे रहे।
- कहां कितने पौधे हुए तैयार
रेन्ज के कार्यवाहक रेन्जर नरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि विभागीय आदेशानुसार वर्ष 2025-2026 में रेन्ज को दो लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ,जो वनपौधशाला हलैना पर 40 हजार,खेडलीमोड पर 10 हजार और हिगोंटा पर एक लाख 50 हजार पौधे तैयार किए गए। रेन्ज नदबई मुख्यालय हलैना अधीनस्थ हलैना,खेडलीमोड एवं डहरामोड वनपाल नाका आते है,जहां हलैना,डहरामोड,खेडलीमोड पर पौधशाला भी है। डहरामोड पर पानी की कमी के कारण वर्ष 2024 से पौधे तैयार नही हो रहे। केवल हलैना,खेडलीमोड व हिगोंटा पर ही पौधे तैयार होते है।
- बबूल एवं करंज की अधिक मांग
रेन्जर नरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि सरकारी पौधशालाओं पर छाया व फलदार,सजावटी और औषधिय पौधे तैयार है,जिसमें बबलू,करंज,जामुन,नीम,कदम्ब के पौधे की अधिक मांग है। इस वा नीम,करंज,बबूल, बेर,पीपल,जामुन,वरगद,कदम्ब,नीम गिलोह,जंगल जलेबी,शीशम,अमरूद,गुलमोहर,लिसोडा,बांस,अर्जुन,तुलसी सहित 50 से अधिक प्रकार के पौधे है। इन पौधे में से बबूल,करंज व कदम्ब के पौधे की अधिक मांग है।
- सरकारी विभाग को 50 प्रतिशत छूट
रेन्जर चौधरी ने बताया कि विभाग के द्वारा सरकारी पौधशालाओं पर एक वर्ष से कम आयु के पौधे की दर 6 रूपए प्रति पौध निधारित की गई,जिस दर में सरकारी विभाग,स्कूल को 50 प्रतिशत छूट रहेगी,जबकि ग्राम पंचायत और नगर पालिका को छूट का लाभ नही मिलेगा। उन्होने बताया कि जो विभाग छूट का लाभ लेगा,उसे पौधे सरकारी भूमि,सरकारी भवन परिसर,चारागाह भूमि पर लगाने होंगे।

