नकली और नशीली दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1.13 करोड़ की दवाएं सीज, तीन अवैध गोदामों पर छापा
लखनऊ (शशि जायसवाल) उत्तर प्रदेश में नकली और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे तीन दिवसीय विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। औषधि प्रशासन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने नौ जिलों में अभियान चलाते हुए गोंडा में तीन अवैध गोदामों पर छापेमारी की और करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये मूल्य की दवाएं जब्त कर सीज कर दीं।
- तीन अवैध गोदामों पर छापा
औषधि प्रशासन के निर्देश पर गोंडा जिले के बरियरपुरवा, सोनार गली और गोंडा-बलरामपुर मार्ग स्थित जयंतनगर में संचालित कथित "अमन फार्मास्यूटिकल्स" समेत तीन स्थानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान पता चला कि संबंधित फर्म निर्धारित पते पर संचालित नहीं थी और वहां कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा था।
पूछताछ में शिवम कसौधन ने स्वीकार किया कि वह अपने भाई अमन कसौधन के साथ बरियरपुरवा स्थित एक स्थान से बिना वैध लाइसेंस के दवाओं का कारोबार कर रहा था।
- 1.13 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने भारी मात्रा में एलोपैथिक और नशीली दवाएं बरामद कीं। इनमें 53,712 डिप्रम प्लस कैप्सूल, 1,96,000 ट्रामाडोल इंजेक्शन, 60,000 अल्जोमेक 0.5 टैबलेट, 63 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप, 2,82,960 सैंपलस प्लस कैप्सूल, 32,160 रोमर स्पास कैप्सूल समेत अन्य दवाएं शामिल हैं। बरामद दवाओं का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1.13 करोड़ रुपये बताया गया है। साथ ही 19 दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
- एक गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान शिवम कसौधन पुत्र प्रमोद कसौधन, निवासी रानी बाजार, बड़गांव (गोंडा) को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी अमन कसौधन फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार नकली, अवैध और नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और ऐसे कारोबारियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


