नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में अव्यवस्थाओं पर बवाल, सीडीपीओ जितेंद्र जिंदल के खिलाफ महिलाओं का फूटा गुस्सा
बयाना (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) ,महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पंचायत समिति सभागार, बयाना में आयोजित नारी चौपाल एवं नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब बड़ी संख्या में पहुंची आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, सहायिकाओं और राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने कार्यक्रम में भारी अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया। महिलाओं ने सीधे तौर पर सीडीपीओ जितेंद्र जिंदल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद रंजीता कोली, प्रधान मुकेश कोली, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य धर्मसिंह चौधरी, ब्लॉक सीएमओ डॉ. धर्मेंद्र चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना बताया गया।
हालांकि कार्यक्रम में शामिल महिलाओं का आरोप है कि उन्हें सुबह सीडीपीओ कार्यालय से बुलाया गया, लेकिन सभागार में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था तक नहीं थी। कई महिलाओं को पूरे कार्यक्रम के दौरान खड़े रहना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं में भारी नाराजगी देखी गई।
आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाओं उर्मिला, मिथलेश और संगीता ने आरोप लगाया कि वे 20 से 30 किलोमीटर दूर से कार्यक्रम में पहुंचीं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई गईं। महिलाओं का आरोप है कि कार्यक्रम के लिए सरकारी बजट खर्च किए जाने के बावजूद व्यवस्थाएं नदारद रहीं।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब सामने आया कि कार्यक्रम की सूचना स्थानीय मीडिया को भी नहीं दी गई थी। मौके पर पहुंचे पत्रकारों के सवालों पर पूर्व सांसद रंजीता कोली और भाजपा नेता धर्मसिंह चौधरी ने सीडीपीओ जितेंद्र जिंदल को फटकार लगाते हुए भविष्य में मीडिया को समय पर सूचना देने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार था, लेकिन अव्यवस्थाओं और सीडीपीओ पर लगे आरोपों ने पूरे आयोजन को सवालों के घेरे में ला दिया। अब महिलाओं ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।


