रामगढ़ अ(लवर/ अमित भारद्वाज) कृषि विज्ञान केन्द्र नौगांवा में प्राकृतिक खेती विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें पश्चिम चंपारण (बिहार) के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, उसके लाभों एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। इससे किसानों की उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी प्राकृतिक खेती कर रहे हैं तथा इसके सकारात्मक परिणामों का अनुभव कर चुके हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाकर इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यशाला में डॉ. पूनम प्रजापति ने कृषकों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न अवयवों की प्रायोगिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत तथा अन्य पौध संरक्षण के प्राकृतिक घोलों एवं विधियों को तैयार करने की विस्तृत प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए उनके उपयोग, मात्रा एवं लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती की इन तकनीकों को अपनाकर किसान रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम कर सकते हैं तथा कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। कृषि अनुसंधान केन्द्र के क्षेत्रीय निदेशक, डॉ. जी.एल. चौधरी ने कृषकों को बाजरा एवं मूंग की उन्नत खेती के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने उन्नत किस्मों के चयन, बीज उपचार, संतुलित पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की तथा किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने प्राकृतिक खेती को पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं किसानों की आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाने पर बल दिया। मंच संचालन कृषि अधिकारी मनोज जैन ने किया।
इस दौरान रामगढ विधायक सुखवंत सिंह, जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता, उप निदेशक उद्यान के.एल. मीणा, नारायण मीणा, नरेश गोयल, श्रीमती रानू पाराशर, कमल भादवा, इन्द्रजीत सिंह, श्रीमती सरिता राज तथा कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि अनुसंधान केंद्र एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित बडी संख्या में कृषक, विद्यार्थी एवं आमजन मौजूद रहे ।