'खुशियों में नहीं आने दी कोई कमी': जागरूक वेलफेयर सोसाइटी ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, जरूरतमंद परिवार के आंगन में गूंजी शहनाई
कोसेलाव / बरकत खा (19 जून 2026)। समाज में कुछ अवसर ऐसे होते हैं, जब किसी जरूरतमंद परिवार की सहायता केवल एक सहयोग न रहकर मानवता का सर्वोच्च उदाहरण बन जाती है। ऐसा ही एक बेहद प्रेरणादायी एवं भावुक कर देने वाला दृश्य स्थानीय ग्राम कोसेलाव में देखने को मिला। यहाँ गवारिया समाज के एक ऐसे जरूरतमंद परिवार में भाई और बहन दोनों का विवाह एक साथ सम्पन्न हुआ, जिनके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। परिवार की बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण विवाह की व्यवस्थाओं को लेकर कई चुनौतियाँ खड़ी थीं।
संकटमोचक बने समाजसेवी सुरेंद्र परमार और जागरूक वेलफेयर सोसाइटी
ऐसे कठिन समय में जागरूक वेलफेयर सोसाइटी और समाजसेवी सुरेंद्र जी परमार ने आगे बढ़कर इस संकटग्रस्त परिवार का हाथ थामा। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों भाई-बहन के विवाह का संपूर्ण खर्च स्वयं वहन किया और यह सुनिश्चित किया कि इस परिवार की खुशियों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने पाए। इसी कड़ी में आज जहाँ बहन की बारात परिवार के आंगन में पहुँची और धूमधाम से विवाह संपन्न हुआ, वहीं भाई की बारात भी अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए शनिवार को रवाना होगी।
राजनेताओं और प्रबुद्धजनों ने घर पहुंचकर दिया आशीर्वाद
इस विशेष और मांगलिक अवसर पर सुमेरपुर महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सुश्री कंचन परमार, समाजसेवी सुरेंद्र जी परमार, जागरूक वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष महेंद्र परमार एवं सचिव डॉ. नीरू परमार ने पीड़ित परिवार के घर पहुँचकर नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने परिवार को भविष्य में भी हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद लोगों की मदद करना हम सभी का नैतिक दायित्व है और किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची समाजसेवा है।
आयोजन ने दिया सामाजिक भाईचारे का जीवंत संदेश
इस भावुक और गरिमामयी कार्यक्रम में एडवोकेट पिंटू राठौड़ नेतरा, श्रवण नेतरा, भावेश सेन, विनोद परमार, युवा कांग्रेस विधानसभा उपाध्यक्ष सुरेश भार्गव, सखाराम देवासी, तौकीर खान, किशोर सुथार, महावीर सिंह और राहुल मेवाडा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने इस सराहनीय पहल के लिए जागरूक वेलफेयर सोसाइटी और समाजसेवी सुरेंद्र जी परमार सहित सभी सहयोगकर्ताओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। ग्रामीणों का कहना था कि आज के दौर में किसी बेसहारा बेटी को सम्मानपूर्वक विदा करना और बेटे के घर बसाने में सहयोग करना सबसे बड़ा पुण्य है। यह आयोजन केवल एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, आपसी भाईचारे और मानवता का एक जीवंत संदेश है।
(यह जानकारी स्थानीय प्रतिनिधि भरत गेहलोत द्वारा प्रदान की गई है।)


