लक्ष्मणगढ़ में चुनावी बिसात बिछनी शुरू: नगर पालिका गठन के बाद पहली बार होंगे चुनाव, भावी प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत
लक्ष्मणगढ़ में निकाय व पंचायत चुनावों की आहट से गरमाई सियासत: बीजेपी और कांग्रेस की तैयारियां तेज, दावेदारों ने शुरू किया जनसंपर्क
लक्ष्मणगढ़ / अलवर (कमलेश जैन)। राजस्थान में आगामी नगर निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आहट के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास चुनाव की तारीखों के ऐलान की संभावना को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
नगर पालिका गठन के बाद पहला चुनाव, युवाओं और दावेदारों में भारी उत्साह लक्ष्मणगढ़ कस्बे को नई नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद यह पहला मौका है जब यहां निकाय चुनाव आयोजित होने जा रहे हैं। इसको लेकर कस्बेवासियों और स्थानीय नेताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में भी ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन (Reorganisation) के बाद से चुनावी मुकाबला काफी रोचक होने के आसार हैं।
बीजेपी और कांग्रेस की चुनावी बिसात
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भाजपा की रणनीति: भाजपा ने चुनाव संचालन और घोषणा-पत्र समितियों का गठन कर दिया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष संजीव कटारा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे 'हर घर तिरंगा' महाअभियान के जरिए पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सीधे आमजन से संपर्क साध रहे हैं।
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कांग्रेस की रणनीति: कांग्रेस पार्टी कार्यशालाओं और वार्ड स्तर पर बैठकों का आयोजन कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी कार्यकर्ता और संभावित उम्मीदवार क्षेत्र में राज्य सरकार की विफलताओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं।
वार्डों में सक्रिय हुए भावी उम्मीदवार चुनाव की आहट मिलते ही दोनों प्रमुख दलों के भावी प्रत्याशी और स्थानीय नेता अपने-अपने वार्डों में पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। घर-घर जाकर जनसंपर्क करने के साथ-साथ अपनी-अपनी पार्टियों से टिकट हासिल करने के लिए वरिष्ठ नेताओं के चक्कर लगाए जा रहे हैं। कस्बे से लेकर गांवों की चौपालों तक अब सिर्फ चुनावी चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

