मकराना में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' अभियान: स्कूली बच्चों को सिखाया गुड टच-बैड टच का फर्क, पोक्सो व साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
civil न्यायालय मकराना की पहल; विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और नशामुक्त रहने का दिया संदेश
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडवाना के दिशा-निर्देशानुसार मंगलवार को 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' अभियान के तहत एक दिवसीय विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। स्थानीय श्री महेश बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित मकराना की सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री पूनम योगी ने "शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाएं, अपने तन और मन की रक्षा करें" विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने के गुर सिखाते हुए गुड टच और बैड टच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझाया। न्यायाधीश योगी ने बच्चों को प्रेरित किया कि किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार होने पर वे डरें नहीं, बल्कि बेझिझक अपनी बात अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस के सामने रखें।
कानूनी प्रावधानों और हेल्पलाइन की दी जानकारी कार्यक्रम के दौरान सिविल न्यायाधीश ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बने महत्वपूर्ण कानूनों जैसे पोक्सो (POCSO) अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की मुख्य धाराओं से अवगत कराया। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के लिए आपातकालीन चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
साइबर खतरों और नशे से दूर रहने की सलाह बढ़ते डिजिटल प्रभाव को देखते हुए न्यायाधीश पूनम योगी ने विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग की लत, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के सतर्कता उपाय बताए। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

