'गरीबों के मकानों पर बुलडोजर का डर, जलाशयों के अतिक्रमण पर चुप्पी': रसीदपुर में बिना सर्वे 30 फीट सड़क चौड़ीकरण नोटिस का विरोध
रसीदपुर में फॉलोवर ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन: आशियाने बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
महुवा (अवधेश अवस्थी)
महुवा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसीदपुर मुख्यालय पर गुरुवार को तहसीलदार पृथ्वीराज मीणा के नेतृत्व में फॉलोवर ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान एक तरफ जहां सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को अमलीजामा पहनाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ वर्षों पुराने मकानों पर बेदखली के छाए बादलों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
बिना सर्वे और जनसुनवाई के नोटिस जारी करने का आरोप
जनसेवक एडवोकेट भुवनेश त्रिवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण आईटी केंद्र पहुंचे और गरीबों के पक्के आवासों को तोड़े जाने की प्रस्तावित कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों ने तहसीलदार पृथ्वीराज मीणा को ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े किए। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा में स्पष्ट प्रस्ताव होने के बावजूद ग्राम पंचायत वर्षों पुराने पक्के मकानों को अतिक्रमण बताकर बेदखली के नोटिस थमा रही है। गांव में आवागमन के लिए पर्याप्त चौड़े रास्ते मौजूद हैं, इसके बावजूद बिना किसी सर्वे और जनसुनवाई के सड़क चौड़ीकरण (30 फीट) के नाम पर गरीब परिवारों को बेघर करने का प्रयास किया जा रहा है।
भेदभावपूर्ण कार्रवाई रोकने की मांग
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में स्थित जलाशयों और खाइयों पर हुए वास्तविक अतिक्रमणों पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि चुनिंदा गरीब परिवारों के मकानों और दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाकर गरीबों के आशियानों को उजड़ने से बचाया जाए।
मौके पर ये लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान बाबूलाल झाड़ौलिया, दयासिद्ध, गिरिराज खंडेलवाल, विकास जैन, राजेश खेड़ापति, कैलाश चौबदार, भुवनेश सोनी, पप्पू तिवाड़ी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

