'गोल्डन गर्ल' अरुंधति चौधरी बोलीं- प्रोत्साहन के नाम पर सिर्फ खोखले वादे मिले, अब निशाना ओलंपिक गोल्ड पर
टोंक/ कोटा। कॉमनवेल्थ खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली अरुंधति चौधरी ने हुंकार भरते हुए कहा है कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। उनका अगला और सबसे बड़ा लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए तिरंगा लहराना और स्वर्ण पदक जीतना है। टोंक प्रवास के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अरुंधति ने अपने संघर्ष, उपलब्धियों और प्रशासनिक अनदेखी पर खुलकर दर्द बयां किया।
"सुनते-सुनते कान थक गए, अब तक कुछ नहीं मिला"
राजस्थान के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली अरुंधति ने राज्य सरकार और खेल प्रशासन के वादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मैं राजस्थान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जितने गोल्ड लाई हूँ, शायद ही कोई अन्य बॉक्सर लाई हो। हर जीत के बाद कहा जाता है कि पैसा मिलेगा, नौकरी मिलेगी, जमीन मिलेगी... यह सुनते-सुनते मेरे कान थक गए हैं, लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला।" उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को केवल खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक सपोर्ट की सख्त जरूरत है।
तेज बुखार और हाथ में प्लेट... फिर भी नहीं मानी हार
अपनी संघर्षपूर्ण वापसी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले साल उनके हाथ का बड़ा ऑपरेशन हुआ था, जिसमें प्लेट के साथ सात स्क्रू लगाए गए थे। एक वक्त लगा था कि करियर थम जाएगा, लेकिन मेहनत के दम पर उन्होंने वापसी की और लगातार छठा अंतरराष्ट्रीय पदक जीता। इतना ही नहीं, कॉमनवेल्थ के फाइनल मुकाबले से पहले उन्हें तेज बुखार था, लेकिन रिंग में गूंजते 'बजरंग बली की जय' के जयकारों ने उन्हें मानसिक मजबूती दी और उन्होंने गोल्ड पर कब्जा जमाया।
"बेटियां केवल शादी के लिए पैदा नहीं होतीं"
अरुंधति ने बेटियों को अपने हक के लिए आवाज उठाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "जब तक आप खुद के लिए नहीं लड़ेंगी, कोई आपके लिए नहीं लड़ेगा।" अपने परिवार के सहयोग को याद करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के तानों के बावजूद माता-पिता ने उनका साथ दिया और कहा कि 'बेटियां केवल शादी के लिए पैदा नहीं होतीं।' शादी के सवाल पर मुस्कुराते हुए अरुंधति ने साफ किया कि फिलहाल शादी उनकी प्राथमिकता नहीं है; उनका पूरा ध्यान केवल ओलंपिक गोल्ड पर केंद्रित है।
टोंक में सवाई माधोपुर रोड स्थित जाट छात्रावास में समाज के लोगों और विद्यार्थियों ने इस 'धाकड़ बेटी' का गर्मजोशी से स्वागत किया।

