झुंझुनूं में वन विभाग का बड़ा एक्शन! मनसा माता कंजर्वेशन रिजर्व में 50 बीघा जमीन से हटाया अवैध कब्जा
गिरावड़ी वन क्षेत्र में मंदिर और आस्था की आड़ में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर चला चाबुक; अवैध दुकानें ध्वस्त, तारबंदी हटाई गई।
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)।
मनसा माता कंजर्वेशन रिजर्व के गिरावड़ी वन क्षेत्र में शुक्रवार को वन विभाग ने गैर-वानिकी और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। समाधि स्थल के आसपास लगभग 50 बीघा से अधिक रक्षित वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को विभाग ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया।
आस्था की आड़ में वन भूमि पर कब्जे की साजिश
गिरावड़ी वन क्षेत्र स्थित समाधि स्थल के चारों ओर कब्जे की नीयत से लगातार वन भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। रक्षित वन क्षेत्र होने के बावजूद यहां अवैध रूप से दुकानें सजाई जा रही थीं और व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इससे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीवों का विचरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
इतना ही नहीं, मंदिर की आड़ में प्लास्टिक, कांच की बोतलें और अन्य प्रतिबंधित सामग्री जंगल में फेंकी जा रही थी तथा अवैध रूप से बिजली कनेक्शन लेकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
नोटिस के बाद भी नहीं माने, तो पुलिस बल के साथ हुई कार्रवाई
क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम धर्मवीर मील ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी:
"वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आस्था के नाम पर प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।"
विभाग द्वारा पूर्व में भी इन अवैध गतिविधियों को बंद करने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन अमल न होने पर शुक्रवार को पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। अवैध रूप से बनाई गई दुकानों और तारबंदी को ध्वस्त कर सामग्री जब्त की गई। भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए वन क्षेत्र की सुरक्षा हेतु मौके पर खाई (Trench) भी खुदवाई गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह बड़ी कार्रवाई उपवन संरक्षक (झुंझुनू) काव्या पी.बी. और सहायक वन संरक्षक प्राची चौधरी के निर्देशन में संपन्न हुई। मौके पर क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम धर्मवीर मील, क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वितीय नरेंद्र सिंह, वनपाल संजय कुमार, सहायक वनपाल योगेश कुमार सहित वन विभाग की टीम और पुलिस जाब्ता तैनात रहा।

