आधी रात को काल बनी बारिश: मलबे में दबा पूरा परिवार, दो मासूमों समेत 6 जिंदगियां खत्म, इकलौता बेटा बचा
प्रतापगढ़ में बारिश से ढहा 100 साल पुराना मकान: मलबे में दबकर मासूमों समेत 6 की दर्दनाक मौत, परिवार में अकेला बचा जख्मी बेटा
प्रतापगढ़ (शशि जायसवाल)
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने एक परिवार पर ऐसा कहर ढाया जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में बुधवार देर रात करीब 100 साल पुराना एक पुश्तैनी मकान अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गया। इस भयावह हादसे में दो नन्हें बच्चों समेत एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार का इकलौता बड़ा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।
आधी रात को ढही छत, किनारे सोने से बची बेटे की जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे परिवार के सभी सदस्य गर्मी और उमस के कारण एसी वाले कमरे में सो रहे थे। तभी अचानक जर्जर मकान की छत ढह गई और पूरा परिवार गहरे मलबे के नीचे दब गया। कमरे के किनारे सो रहा 28 वर्षीय बड़ा बेटा अमन किसी तरह हिम्मत जुटाकर मलबे से बाहर निकला और बदहवास होकर शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी।
दो घंटे चला रेस्क्यू, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल ने मौके पर पहुँचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे छह लोगों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में गृहस्वामी प्रमोद श्रीवास्तव (60), उनकी पत्नी रीता (55), छोटा बेटा नितिन (25), बहू माधुरी (23), दो वर्षीय पोता माधव और महज 10 माह का मासूम अद्विक शामिल हैं। घायल अमन का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
आर्थिक तंगी बनी काल, स्वीकृत हुआ था पीएम आवास
मृतक प्रमोद श्रीवास्तव रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। आर्थिक तंगी के कारण मकान की पहली मंजिल का काम अधूरा पड़ा था और लिंटर नहीं ढल पाया था। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता राशि स्वीकृत हो चुकी थी और परिवार जल्द ही पक्का निर्माण कराने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
26 लाख मुआवजा, फाफामऊ घाट पर एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से 26 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। एडीजी प्रयागराज जोन ज्योति नारायण, आईजी अजय कुमार मिश्रा और सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।
पोस्टमॉर्टम के बाद जब प्रयागराज के फाफामऊ गंगा घाट पर एक साथ 6 शवों का अंतिम संस्कार किया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। अपने पूरे हंसते-खेलते परिवार को एक पल में खो चुके अमन के आंसुओं ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया।

