डॉक्टरों की लेटलतीफी और मेडिकल बिलों के अटके भुगतान पर भड़के रेलवे पेंशनर्स: चिकित्सा निदेशक को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी
जयपुर में रेलवे अस्पताल की व्यवस्थाओं के खिलाफ पेंशनर्स का हल्लाबोल: रैली निकालकर किया प्रदर्शन, चिकित्सा निदेशक को सौंपा ज्ञापन
जयपुर (राजस्थान)। जयपुर स्थित केंद्रीय रेलवे अस्पताल में इलाज और चिकित्सा सुविधाओं की बदहाली से परेशान रेलवे पेंशनर्स का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर देखने को मिला। ऑल इंडिया रेलवे पेंशनर्स वेलफेयर फेडरेशन (AIRPWF) के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों पेंशनर्स ने रेलवे स्टेशन से केंद्रीय अस्पताल तक विरोध रैली निकाली और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अस्पताल के सामने प्रदर्शन, मुख्य समस्याएं उजागर अस्पताल परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के बाद पेंशनर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय साहा से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पेंशनर्स ने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं की लंबी सूची रखी:
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ओपीडी में डॉक्टरों की लेटलतीफी: डॉक्टरों के समय पर न आने से बुजुर्ग पेंशनर्स को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। पेंशनर्स के लिए अलग से कतार की कोई व्यवस्था नहीं है।
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दवाइयों की किल्लत: लोकल खरीद से मिलने वाली दवाओं के लिए मरीजों को कई-कई दिन इंतजार करना पड़ता है। आरोप है कि गैर-रेलवे कर्मियों को महीनों की दवाइयां दे दी जाती हैं, जिससे वास्तविक पेंशनर्स दवाओं से वंचित रह जाते हैं।
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रेफरल प्रक्रिया में जटिलता: रेलवे बोर्ड के स्पष्ट आदेशों के बावजूद रेफरल के दौरान दस्तावेजों की फोटोकॉपी मांगी जाती है। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज का समय बढ़ाने (Extension) में भी भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
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मेडिकल रीइंबर्समेंट में देरी: इलाज के खर्च के भुगतान (Medical Reimbursement) से जुड़े मामले महीनों तक लंबित रहते हैं और कई बार स्वीकृत राशि से बहुत कम भुगतान किया जाता है।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों का पलायन: प्रबंधन की खामियों के कारण कई विशेषज्ञ डॉक्टर रेलवे छोड़कर जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
सुधार न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन में AIRPWF के महामंत्री आरके सिंह, जयपुर मंडल मंत्री राकेश यादव, महेश सहाय शर्मा, बीएल सैनी, अवतार सिंह, राजकिशोर, एसके माथुर, विनीत मान, मुकेश चतुर्वेदी, प्रमोद पांडे, झाबरसिंह और नौनिहाल सिंह सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन ने अस्पताल की ओपीडी, दवाओं के वितरण और बिलों के निस्तारण की व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया, तो पेंशनर्स बड़े स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

