सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण और प्लॉटिंग: खैरथल निवासियों ने प्रशासन से की पैमाइश और कार्रवाई की मांग
खैरथल में सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का गंभीर आरोप: कलेक्टर से शिकायत, पीपल का पेड़ काटने पर बढ़ा आक्रोश
खैरथल (हीरालाल भूरानी)। खैरथल शहर के रेलवे फाटक संख्या 92 के पास स्थित कीमती सरकारी भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने खसरा संख्या 682 की सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराने के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
पुराना पीपल का पेड़ काटकर की जा रही प्लॉटिंग शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों और भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर प्लॉट काटे जा रहे हैं। मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब जमीन पर कब्जा करने की नीयत से वहां मौजूद वर्षों पुराने पीपल के पेड़ को भी बिना किसी अनुमति के काट दिया गया। इस घटना से स्थानीय लोगों में काफी रोष व्याप्त है।
शिकायत में की गई ये प्रमुख मांगें:
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सरकारी भूमि की पैमाइश: खसरा संख्या 682 की राजस्व टीम से तत्काल पैमाइश कराई जाए।
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अतिक्रमण पर रोक: जारी अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए।
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कड़ी कार्रवाई: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पीपल का पेड़ काटने वाले दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
प्रशासनिक रुख का इंतजार शिकायत पत्र के साथ राजस्व विभाग का खसरा नक्शा भी संलग्न कर जिला कलेक्टर को सौंपा गया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। देखना होगा कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर कब तक शिकंजा कसता है।

