उदयपुर:पन्नाधाय महिला अस्पताल में अनोखी सर्जरी, गर्भाशय से निकालीं 25 गांठें, सुरक्षित रहा यूट्रस
उदयपुर के पन्नाधाय राजकीय महिला अस्पताल के डॉक्टरों ने 30 वर्षीय महिला के गर्भाशय से 25 फाइब्रॉइड गांठें निकालकर नया जीवन दिया। गर्भाशय सुरक्षित रहने से मातृत्व की उम्मीदें कायम हैं।
उदयपुर (राजस्थान)। उदयपुर स्थित पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल सर्जरी के जरिए 30 वर्षीय महिला के गर्भाशय (Uterus) से 25 फाइब्रॉइड गांठें (Myomectomy) सफलतापूर्वक बाहर निकाली हैं। इस सर्जरी की सबसे खास बात यह रही कि डॉक्टरों ने महिला के गर्भाशय को पूरी तरह सुरक्षित रखा है, जिससे भविष्य में उसके माँ बनने की संभावना बनी रहेगी।
8 महीने के गर्भ जितना हो गया था गर्भाशय
राजसमंद की रहने वाली 30 वर्षीय महिला को पेट में असहनीय दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव (Heavy Bleeding) की गंभीर समस्या के चलते पन्नाधाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जब डॉक्टरों ने महिला की सोनोग्राफी और अन्य मेडिकल जांचें कीं, तो रिपोर्ट देखकर वे भी हैरान रह गए। गर्भाशय में इतनी अधिक संख्या में गांठें (Fibroids) मौजूद थीं कि उसका आकार 8 महीने के गर्भ जितना बड़ा हो चुका था। ऐसे मामलों में अक्सर गर्भाशय निकालना पड़ता है, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने महिला की उम्र और भविष्य में मातृत्व की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए गर्भाशय बचाने का चुनौतीपूर्ण फैसला लिया।
RNT मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने रचा इतिहास
रवींद्रनाथ टैगोर (RNT) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने बताया कि यह सर्जरी काफी जटिल और जोखिम भरी थी। हालांकि, डॉक्टरों के बेहतर समन्वय और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की मदद से इस ऑपरेशन को पूरी तरह सफल बनाया गया।
सर्जरी टीम में शामिल विशेषज्ञ:
- स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (Gynecology Dept): विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता सेन, डॉ. शमिता, डॉ. हिना और डॉ. भारत।
- एनेस्थीसिया विभाग (Anesthesia Dept): डॉ. देवेंद्र वर्मा और डॉ. बसंत।
- नर्सिंग व सहयोगी स्टाफ: ज़ीनत, मनीषा एवं अन्य कार्मिक।
क्या होता है गर्भाशय फाइब्रॉइड (Uterine Fibroids)?
गर्भाशय फाइब्रॉइड्स महिला के गर्भाशय में पनपने वाले नॉन-कैंसरस (गैर-कैंसरीकृत) ट्यूमर होते हैं।
- मुख्य लक्षण: पेट में तेज दर्द, भारी या अनियमित पीरियड ब्लीडिंग, पेट का फूलना और बांझपन (Infertility) की समस्या।
- सही समय पर इलाज जरूरी: यदि समय पर इसका इलाज न कराया जाए तो यह स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। उदयपुर के डॉक्टरों की इस सफल सर्जरी से जटिल से जटिल फाइब्रॉइड मामलों में भी गर्भाशय सुरक्षित रखने की नई उम्मीद जगी है।

