हनुमान व देवनारायण मंदिर तोड़े जाने से ग्रामीणों में आक्रोश, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बोले- विधानसभा में उठेगा मुद्दा
अलवर (अमित कुमार भारद्वाज) अलवर ग्रामीण विधानसभा के क्षेत्र उमरेण गांव में आस्था को ठेस पहुंचाने वाला मामला सामने आया है। जहां डूंगर के ऊपर स्थित प्राचीन हनुमान जी और देवनारायण भगवान के मंदिर को गुरु पूर्णिमा के दिन प्रशासन ने जेसीबी से तोड़ डाला। मंदिर के पिलर भी ध्वस्त कर दिए गए। गुरु पूर्णिमा के दिन इस गांव के लोग अपने गुरुओं के पास आशीर्वाद लेने गए थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मौके पर ही तंबू गाड़कर धरना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मंदिर वर्षों पुराना है और ग्रामीणों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी सूचना या अनुमति के यह अनर्थ किया है, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे और इस अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
ग्राम सरपंच भवेंद्र पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो रही हैं, जो लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ हैं। उन्होंने कहा कि वे और उनके साथ 100 से अधिक लोग बीजेपी से इस्तीफा देंगे और अब "कटी घाटी" के इस पार भाजपा को नहीं आने देंगे।
इस बीच मौके पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रशासन की कार्रवाई को निंदनीय बताया और कहा कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह केवल मंदिर तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि लोगों की आस्था पर हमला है। ग्रामीणों का धरना अभी भी जारी है और मामला लगातार गरमाता जारहा है। मौके पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बताया इस प्रकार से धार्मिक स्थलों को तोड़ना धर्म के साथ खिलवाड़ है और विधानसभा में भी इसको चुनौती दी जाएगी।