सावन में घेवरों की खुशबू से महक रहे शहर के बाजार
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) सावन मास में रिमझिम बरसात के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में हलवाई व मिष्ठान विक्रेताओं के यहां ताज़ा घेवरों की खुशबू से अनायास ही वहां से गुजरने वाले लोगों का मन ललचाता है और वह खरीद ही लेता है। केवल एक महीने श्रावण मास में बनने वाली मिठाई घेवर कई तरीके से बनाए जाते हैं। देसी घी, वनस्पति घी, केशर, पनीर, सादा, कम चाशनी, ज्यादा चाशनी के घेवर की डिमांड बनी हुई है। महिलाओं के तीज पर्व नजदीक आते ही घेवरों की मांग बढ़ने लगी है। हिन्दू संस्कृति में तीज पर्व पर बहन बेटियों के यहां शगुन के रूप में सुहाग के सामान के साथ कपड़े व मिठाई में घेवर व फिणी भेजे जाने की परम्परा चली आ रही है।

