सरपंच ने लगाए एसडीएमएसी की बैठक नहीं बुलाने का आरोप, सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर कार्रवाई की मांग
खैरथल (हीरालाल भूरानी) समीपवर्ती ग्राम पंचायत मातोर की सरपंच कृष्णा चौधरी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मातोर के प्रधानाचार्य पर विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति (एसडीएमसी) की अनदेखी करने और दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में सरपंच ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरपंच कृष्णा देवी का कहना है कि बीते चार वर्षों में विद्यालय द्वारा केवल एक बार ही एसडीएमसी की बैठक आयोजित की गई, जबकि नियमानुसार यह बैठक हर सत्र में कम से कम तीन बार अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन बैठकों का रजिस्टर में उल्लेख किया गया है, उनमें समिति सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर खानापूर्ति की गई है।
सरपंच ने बताया कि 12 मई को ग्राम पंचायत भवन में बैठक के लिए पंचायत द्वारा लिखित रूप से सूचना दी गई थी, लेकिन प्रधानाचार्य ने ना तो बैठक बुलाई और ना ही कोई जवाब दिया। सरपंच ने प्रतिलिपि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मुंडावर और जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), खैरथल तिजारा को भी प्रेषित की की है। उन्होंने मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय यादव ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि वह एसडीएमसी की बैठक नियमानुसार करते हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है। सरपंच प्रतिनिधि द्वारा उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।