जिला अस्पताल की इमारतें भी जर्जर, फॉल्स सीलिंग और छज्जे गिराऊ: कई वार्ड बंद किए
अलवर (अनिल गुप्ता) जिले में स्कूलों के भवनों की ही हालत जर्जर नहीं है। बल्कि, अस्पताल के भवनों की भी स्थिति ठीक नहीं हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय और शिशु विभाग को लेकर है। इनकी इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। 30 जुलाई को सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, मेंटिनेंस प्रभारी और इंजीनियरिंग टीम के संयुक्त निरीक्षण में कई वार्ड, गैलरी और छतों को असुरक्षित घोषित किया। रिपोर्ट के अनुसार इन जगहों पर तत्काल मरम्मत के बिना आवागमन पूरी तरह बंद करना जरूरी है। ताकि, हादसों से बचा जा सके। इसके बाद कुछ वार्डों को खाली कराया गया है। साथ ही जिला अस्पताल में सीढ़ियों और उपरी मंजिल पर गैलरी में आवाजाहीं बंद की गई है।
शिशु विभाग में सुरक्षित नहीं, छज्जे गिरने की कगार पर : शिशु विभाग के ए वार्ड, दवा वितरण केंद्र और एमटीसी वार्ड को जोड़ने वाली सीढ़ियां और छज्जे अत्यंत जर्जर हैं और इन्हें पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। सीएचडब्ल्यू के सामने की गैलरी और एमटीसी वार्ड के छज्जों में दरारें हैं, जो गिरने की कगार पर हैं। पीआईसीयू वार्ड की फॉल्स सीलिंग भी क्षतिग्रस्त है, जिसे हटाकर मरम्मत के बाद ही दोबारा उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए।
महिला चिकित्सालय के एसएलआर ओटी विंग की छत से जगह-जगह प्लास्टर झड़ रहा है। इस विंग को पहले भी असुरक्षित घोषित किया जा चुका है और अब इसे पूरी तरह बंद करने की जरूरत जताई गई है। वार्ड की फॉल्स सीलिंग कमजोर होने के कारण मरम्मत से पहले उसे भी इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है। वहीं, छत पर लगे मोबाइल टावर असुरक्षित हैं और इनसे जुड़ी गैलरियों को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने की अनुशंसा की गई है। बेड की कमी और वैकल्पिक व्यवस्था की चुनौती, गंभीर मरीज ही रैफर करें: जर्जर हिस्सों को बंद करने के बाद कई वार्ड खाली कराए गए हैं और गैलरियों में आवाजाही रोक दी गई है। इससे अस्पताल में बेड की भारी कमी की आशंका है। पीएमओ ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि अब केवल अति गंभीर मरीजों को ही जिला अस्पताल रैफर किया जाए। सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र शर्मा ने बताया कि लक्ष्मणगढ़, गोविंदगढ़, रामगढ़ और खेड़ली/कठूमर ब्लॉकों के मरीजों को अब ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में रैफर करने को कहा जाएगा। वहां एमएनडीवाई योजना के तहत दवा काउंटर खोलने के प्रयास जारी हैं। ताकि मरीजों को निशुल्क दवाएं मिल सकें। आवश्यकता होने पर जिला अस्पताल से वहां स्टाफ भी भेजा जाएगा।
निरीक्षण में सबसे पहले पुरुष, महिला और रामाश्रय वार्ड को जोड़ने वाली गैलरी की गंभीर स्थिति सामने आई। गैलरी की स्लैब में गहरी दरारें हैं और पानी लगातार टपक रहा है, जिससे यह पूरी तरह असुरक्षित है। इसे तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार महिला और पुरुष वार्ड के सामने की गैलरी, छतें और सीढ़ियां भी रिसाव और मलबा जमा होने से क्षतिग्रस्त हैं। मोरियों के जाम होने से जल निकासी बाधित है।
मुख्य ब्लॉक से इंडोर ब्लॉक को जोड़ने वाली गैलरी की छत में भी झुकाव मिला, जो भविष्य में हादसे का कारण बन सकता है। वहीं सर्जिकल आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और नेत्र ओटी की फॉल्स सीलिंग गिरने की हालत में है। जब तक सीलिंग हटाकर छत की मरम्मत नहीं होती, इनका उपयोग रोकने की सिफारिश की गई है। ओपीडी ब्लॉक की छत में भी दरारें और सीलन की समस्या बरकरार है, जिस पर फिलहाल नगर विकास न्यास कार्य कर रहा है।

