खराब सफाई व्यवस्था पर गाज: जिला परिषद के एसीईओ ने ग्राम विकास अधिकारी को किया निलंबित; नालियों में गंदगी और अधूरे मिले सरकारी रिकॉर्ड
धौलपुर जिले की सैंपऊ पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जारौली और बसई नवाब में फैली गंदगी और प्रशासनिक अव्यवस्था वीडीओ (ग्राम विकास अधिकारी) को भारी पड़ गई है। जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) बबलीराम जाट ने गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता की आशंका के चलते ग्राम विकास अधिकारी कृष्णकांत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।
निरीक्षण में सामने आई बदहाली मंगलवार को एसीईओ बबलीराम जाट और विकास अधिकारी रामबोल सिंह गुर्जर ने पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सरकारी दावों की पोल खुल गई। गांव की नालियां कचरे से अटी पड़ी थीं, रास्तों पर गंदगी का अंबार लगा था और यहाँ तक कि पंचायत भवन में भी जाले लगे मिले। एसीईओ ने मौके पर ही वीडीओ को कड़ी फटकार लगाई।
रजिस्टर बैग में, रिकॉर्ड घर पर निरीक्षण के दौरान केवल गंदगी ही नहीं, बल्कि भारी प्रशासनिक अनियमितताएं भी पाई गईं।
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अधूरा रिकॉर्ड: सफाई निरीक्षण रजिस्टर अधूरे और अप्रमाणित थे।
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उपस्थिति पंजिका: कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर के बारे में पूछने पर वीडीओ ने उसे अपनी बाइक के बैग में होना बताया, जिसमें 27 मार्च के बाद के हस्ताक्षर ही नहीं थे।
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गायब कैश बुक: पंचायतों की कैश बुक और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज कार्यालय के बजाय वीडीओ के घर पर पाए गए।
निलंबन और सख्त चेतावनी एसीईओ ने इन लापरवाहियों को राजकार्य में कोताही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना है। निलंबन अवधि के दौरान वीडीओ कृष्णकांत शर्मा का मुख्यालय जिला परिषद धौलपुर तय किया गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 'स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता' अभियान चलाया जा रहा है। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के सख्त निर्देशों के बाद विभाग अब लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रहा है।
बबलीराम जाट, एसीईओ, जिला परिषद धौलपुर का कहना है कि- "स्वच्छता अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहाँ भी सफाई व्यवस्था खराब मिलेगी और रिकॉर्ड अधूरे पाए जाएंगे, वहां संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।"


