दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा नोएडा एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे से कार से सीधे टर्मिनल
नोएडा हवाई अड्डे को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे और यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए नया इंटरचेंज बनाया जाएगा।
लक्ष्मणगढ(अलवर/ कमलेश जैन) तहसील क्षेत्र से होकर निकल रहे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से नोएडा एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाने के लिए तेजी से ग्राफिक्स तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे , यमुना एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट को जोड़ने वाला नया इंटरचेंज जल्द ही शुरू होने की तैयारी है।
यह नया कनेक्शन शुरू होने के बाद यात्रियों को हवाईअड्डे तक पहुंचने में कम समय लगेगा और सड़क यात्रा पहले से बहुत आसान हो जाएगी। वर्तमान में गाड़ियाँ सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल की ओर जा रही हैं, जिससे वाहनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट से 31 किमी का लिंक एक्सप्रेसवे बन रहा है
एयरपोर्ट की मजबूती के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एनएचएआई ) से लगभग 31 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है। यह मार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ेगा। एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है ।और इसका कनेक्शन यमुना एक्सप्रेसवे के करीब 32 किलोमीटर प्वाइंट पर बनाया जा रहा है। वहां से वाहन सीधे हवाईअड्डे का मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचें।
इस प्रोजेक्ट का मकसद दिल्ली, और आसपास के शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए तेज और बिना प्रतिबंध वाले यात्रियों के लिए छुट उपलब्ध है। विशेषज्ञ का मानना है कि एयरपोर्ट तक की यात्रा के बाद यह यात्रा काफी कम समय में शुरू हो सकती है।
एयरपोर्ट के पास बन रहा आधुनिक इंटरचेंज न्यू लैंडमार्क
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 900 मीटर पहले इंटरचेंज सिर्फ सीमेंट मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक आर्किटेक्चर के प्रतीक के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस इंटरचेंज को क्लोवर लीफ़ का डिज़ाइन बनाया जा रहा है। इसके चतुर्थ मान्यता में बड़े स्तर पर हरियाली और लैंडस्केपिंग का काम चल रहा है।
सड़क के किनारे के सजावटी उपकरण, फूलदार झाड़ियाँ और विभिन्न जानवरों के चित्र पौधे लगाए जा रहे हैं। ताकि पूरे क्षेत्र के आकर्षण और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसके अलावा यहां भारतीय संस्कृति और प्रकृति से जुड़े सांस्कृतिक शिखर भी जुड़े हुए हैं। इनमें मोर, सारस, गौतम बुद्ध और जिराफ जैसी मूर्तियां शामिल हो सकती हैं। इससे इंटरचेंज केवल असाधारण बिंदु नहीं बल्कि दृश्य आकर्षण का केंद्र भी बनता है।
नोएडा एयरपोर्ट उत्तर भारत का बड़ा हब
नई ऑर्केस्ट्रेशन व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे , यमुना एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे एक-दूसरे से सीधे जुड़ेंगे। इससे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का कनेक्शन कई राज्यों और शहरों से मजबूत होगा। विशेषज्ञ के अनुसार यह एयरपोर्ट आने वाले समय में बड़े बिजनेस हब के रूप में उभर सकता है।
बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और निवेश को भी गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही एयरपोर्ट के आसपास के रियल एस्टेट सेक्टर को भी फायदा मिल सकता है।
यात्रियों को मिलेगा तेज और आसान सफर
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इलेक्ट्रानिक्स की शुरुआत के बीच प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा किया जा रहा है। नया इंटरचेंज शुरू होने के बाद दिल्ली, दुबई और पुर्तगाल के यात्रियों को अन्य प्रमुख स्थानों से हवाईअड्डे में प्रवेश में बड़ी राहत मिल सकती है। डायरेक्ट रोड डॉक्यूमेंटेशन के कारण यात्रा का समय घटेगा और एयरपोर्ट तक पहुंच से पहले की तुलना में सबसे ज्यादा फायदा होगा।
आने वाले समय में इस परियोजना में केवल यातायात नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और आर्थिक संकट को भी नई दिशा दी जा सकती है।


