शिवपुराण कथा के अंतिम दिन भगवान का स्मरण करते हुए सत्कर्म की बात दोहराई
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के मुर्राटा में स्थित जोगियों की ढाणी में शिवजी जी के मंदिर पर चल रही शिवमहापुराण कथा के सातवें दिन समापन के अवसर पर कथावाचक आचार्य योगी कमलेश नाथ ने भगवान का स्मरण करते हुए सत्कर्म के साथ दान धर्म को दोहराते हुए संस्कारित जीवन व्यतीत करने को मोक्ष का रास्ता बताया उन्होंने अन्न दान को सभी दान कर्मों से महत्वपूर्ण बताते हुए जीव की सेवा भी कहा।
योगी ने शिवमहापुराण की कथा सुनाते हुए श्रोताओं को बताया कि कथा के समापन से पहले हवन यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर से चल रहे भंडारे में देर सांय तक भोले शंकर के जयकारों की गूंज के साथ हजारों लोगों ने दाने, पूरी, सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया वहीं भंडारे में प्रसादी लेने वाले साधु संतों को दक्षिणा वस्त्र देकर विदा किया गया।


