राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा एक दिवसीय दौरे पर
कहा - महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित महसूस कराना पुलिस की प्राथमिकता
भरतपुर (विष्णु मित्तल) राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा एक दिवसीय दौरे पर भरतपुर रहे.जहां उन्होंने भरतपुर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में रेंज के पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शर्मा ने जोर देकर कहा कि महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित महसूस कराना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसा कोई स्थान नहीं होना चाहिए जहां महिलाएं असुरक्षित महसूस करें। उन्होंने चिन्हित अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने और अवैध खनन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि अवैध खनन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
शर्मा ने कहा कि हिरासत में आरोपी की मौत को लेकर पुलिस की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुलिस को सजग रहना होगा।उन्होंने कहा कि पदोन्नति उनकी सबसे अहम प्राथमिकता है और इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि ड्रग्स और साइबर क्राइम पुलिस के लिए बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने साइबर क्राइम के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है और ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु सबसे ज्यादा अफसोसजनक होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ऐसे मामलों की समीक्षा की है और चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर कार्रवाई करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेंज के अधिकारियों से चर्चा की गई कि हमारी जो प्राथमिकता है उन पर कैसे काम करना है , और सभी पुलिस अधिकारी अपनी ओर से अच्छा काम कर रहे हैं अमीषा सुधार की गुंजाइश होती है और सभी अधिकारियों से यह कहा है कि और बेहतर पर्यक्षण करें साथ ही बेहतर अनुसंधान करें। हमारे थाने में जो पारिवारिक शिकायत लेकर के आते हैं उनकी शिकायत को ढंग से सुना जाए और सुनने की व्यवस्था भी हो। महिलाओं को सुरक्षित महसूस हो बच्चियों को घर से बाहर और बाहर से घर जाते हुए कुछ सोचा ना पड़े शहर में ऐसा कोई स्थान नहीं हो जहां उन्हें लगे कि हम असुरक्षित हैं । जहां-जहां पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने की क्षमता है वहां बढ़ाएं गस्त बढ़ाने की आवश्यकता है तो वह भी बढ़ाएं । जो चिन्हित अपराधी हैं जिनका पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड है हमारी सख्त निगरानी उन पर बनी रहे।।
अवैध खनन की जहां तक बात है मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं जो भी अवैध खनन को लेकर के कार्रवाई करनी है उसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं हो और पुलिस की ओर से किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं होगी।
हिरासत में आरोपी की मौत को लेकर के कहा गया है कि यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी । अगर ऐसी कोई घटना होती है तो यह उस व्यक्ति के परिवार के लिए जितनी दुखद है वह हमारे लिए भी उतनी ही दुखद है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सजग रहे और जो थाने का संतरी रहता है उसकी पूरी भूमिका होती है कि थाने में जिस व्यक्ति को लाया गया है उसका ध्यान रखें अगर इस तरह से ध्यान रखा जाएगा तो आगे ऐसी घटना नहीं देखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक होता है जानबूझकर गलत करना और एक होता है अनजाने में गलत होना दूसरे प्रदेश का कोई अपराधी किस प्रयोजन से आया हुआ है उसके बाद ही मैं जानकारी सबको हो किस प्रकार का अपराधी है यह संभव नहीं और अगर कोई जानबूझकर किसी अपराधी को मदद करने की कोशिश करता है तो वह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रमोशन हमारी सबसे अहम प्राथमिकता है अभी जो इंस्पेक्टर लेवल के प्रमोशन थे जयपुर कमिश्नरेट हाई कोर्ट में कुछ लोगों ने प्रकरण दायक किए हुए थे काफी समय से रुकी हुई थी अगर इंस्पेक्टर लेवल कई प्रमोशन रुक जाते हैं तो नीचे भी प्रभाव पड़ता है इसी के चलते यह प्रक्रिया रुकी हुई थी न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कुछ प्रगति हुई है जयपुर शहर में भी कुछ वर्षों से जो लंबित पदोन्नति की जो परीक्षा थी वह सम्पन्न करा ली है। दूसरी प्रारंभ की है पिछले हफ्ते ही सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर के रूप में पदोन्नति मिली है अगले बरस के एग्जाम की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है कोशिश यह है कि यह सिलसिला रुके नहीं और वर्ष बार जो भी पदोन्नति पेंडिंग थी उसे जल्दी से जल्दी पूरा कराए
ड्रग्स है खास तौर से हमारे लिए चुनौती है सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग में होता है सभी को कहा गया है कि इसकी सप्लाई नहीं हो जो इसके दुष्प्रभावों के बारे में नहीं जानता है स्कूलों में जाकर के उन्हें जागरूक करने के लिए कहा गया है, जो सप्लाई करने वाले लोग हैं उन्हें चिन्हित करके उन्हें हम पनपने नहीं दें यह हमारी प्रमुख प्राथमिकता है
और इसके अलावा साइबर क्राइम भी एक बड़ी चुनौती थी डीग पुलिस ने साइबर क्राइम के जो वांछित अपराधी थे उन्हें पकड़ने का काम किया है । पूरे देश में साइबर क्राइम में डीग पहले नंबर पर आया था लेकिन पुलिस के द्वारा एक बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई और साइबर ठगी का जो ग्राफ है वह एकदम नीचे आया है
जो सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु होती है सबसे ज्यादा अफसोस जनक होती है मीटिंग में इस वर्ष और प्रतिवर्ष जो भी सड़क दुर्घटना हुई है उनकी समीक्षा की है कोशिश यह है कि जो चिन्हित ब्लैक स्पॉट हैं हॉट्स स्पॉट्स है जहां आमतौर पर एक्सीडेंट होते हैं जो आवश्यक कार्रवाई है या इंजीनियरिंग है जिसे ठीक करके रोका जा सकता है पी डब्ल्यू डी,एन एच आई के माध्यम से जल्दी से जल्दी करा पाए ।भरतपुर और अन्य जिलों में एंटीसेप्टर उपलब्ध कराए ताकि तेज गति के चालान हो सकें साथ ही शराब पी गाड़ी चलाने वालों पर अगर अंकुश लगाते हैं तो इन घटनाओं में काफी कमी देखी जाएगी..
पुलिसिंग हाउसिंग नई बिल्डिंग के साथ पुरानी बिल्डिंग के रिपेयर का भी प्रतिवर्ष बजट मिलता है जिस जिले से जितनी रिक्वायरमेंट आती है उसके हिसाब से हम उसको अलॉट करते हैं इसमें लगातार प्रयास जारी है और राजस्थान सरकार द्वारा भी काफी बजट दिया जा रहा है और प्रतिवर्ष इसमें वृद्धि देखी जा रही है जो हमारे संसाधन और बिल्डिंग हैं उनकी अच्छी स्थिति रहे।
भरतपुर से विष्णु मित्तल की रिपोर्ट